मूकनायक/कमलेश लवहात्रै
बिलासपुर कवर्धा चर्च पर हुए बजरंगदल द्वारा हमले मे मुलनिवाशी संध के प्रदेश अध्यक्ष मु. अमरजीत पटेल के नेतृत्व मे कवर्धा के जिला संयोजक मु लवकेस आहिरवार व प्रतिनिधि मंडल कवर्धा दौरा कर मसिही समाज व विभीन्न समाज के लोगो से सामाजिक चर्चा कर जिलाधीश कवर्धा को 15 दिवस के अंदर यदि मसीही समाज के लोगों के साथ मारपीट ,महिलाओं से बदसलुकि करनेवालों पर कठोर कार्यवाही व गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन करने कि चेतावनी जिला प्रशासन को दी।
मूलनिवासी संघ ने जिलाधीश को ज्ञापन में लिखा है कि 18को इंडियन मिशनरी चर्च कवर्धा जो कि कलेक्ट्रेट के समीप ही स्थित है जहाँ लगभग ३० वर्षों से मसिही लोग प्रार्थना व उपासना करते आ रहे है जहाँ बजरंगदल धार्मिक कट्टरपंथी संगठन के लोग लगभग 80 से 100 की संख्या में अचानक चर्च पर आक्रमण कर दिये एवं चर्च में तोड़फोड़ किये एवं नाबालिक बच्चियों व महिलाओं के साथ छेड़छाड़ अश्लील हरकत करने के साथ लगाग आधा घंटे से ज्यादा समय तक 50 से ज्यादा एपासको को बंधक बनाकर रखें। यह सारा घटनाक्रम पुलिस की उपस्थिति में किया गया।
पुलिस की उपस्थिति में मशीही व महिलाओं के साथ मारपीट व छेड़छाड़ किया गया जिसका विडियो फुटेज उपलब्ध है। जिसके पश्चात् संपूर्ण घटनाक्रम पर मूलनिवासी संघ व जिला पुलिस अधीक्षक कवर्धा के वार्ता उपरांत कित्ती प्रकार मशीहीब लोगों को पुलिस सुरक्षा में घर तक पहुंचाया गया। इस दौरान भी असामातिक तत्व लगातार मशीही लोगों के साथ गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी देते रहे। जौस थॉमस द्वारा पुलिस थाने में रिपोर्ट करने जाने पर उनकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं किया गया।
दिनांक 19.05.2025 को जॉस थॉमस जो कि मूल निवासी संघ के जिला पदाधिकारी है. को पुलिस के द्वारा पुलिस अभिरक्षा में जप्त चर्च के कैमरे के फुटेज सत्यापन के नाम पर थाने ले जाकर झूठा पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया। माननीय न्यायालय से जमानत पर है एवं पुलिस द्वारा मशीही समाज के अनेक लोगों को इस तरह से झूटा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्यवावही किया जा रहा है। जिस पर त्काल रोक लगाई जाये।
पुलिस की भूमिका इस मामले में संदेहपूर्ण व पक्षपातपूर्ण है। इस घटनाक्रम से मशीही समाज के साथ ही अन्य समाज के लोग भी भयाक्रांत है। अतः मामले में समुचित सुक्ष्म जांचकर कार्यवाही करने के साथ ही घटना में संलिप्त लोगों पर यदि 15 दिवस के अंतराल में कार्यवाही नहीं की जाने से मूलनिवासी संघ आंदोलन प्रदर्शन करने पर बाध्य होंगे।

