मुकनायक समाचार भोपाल।संजय सोलंकी की रिपोर्ट।
भोपाल, 14 मई 2025: मध्यप्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री कुंवर विजय शाह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जबलपुर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने डीजीपी को भादंसं (BNS) की धारा 196 और 197 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि शाह की टिप्पणियां देश की एकता, अखंडता को खतरे में डालने वाली हैं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।FIR के बाद इस्तीफे की चर्चा: सूत्रों के मुताबिक, आज शाम तक विजय शाह के इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है। मामले ने तूल पकड़ा तो मंगलवार शाम यह मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंच गया। भाजपा आलाकमान ने शाह के बयान को पार्टी की छवि के लिए नुकसानदायक माना है। मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, “पार्टी ऐसी टिप्पणियों का समर्थन नहीं करती। जल्द ही उचित कार्रवाई होगी।”कर्नल सोफिया के भाई की मांग: कर्नल सोफिया कुरैशी के भाई ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा, “मेरी बहन ने देश के लिए सम्मान कमाया, लेकिन एक मंत्री द्वारा उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश निंदनीय है।” सोफिया कुरैशी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मीडिया ब्रीफिंग में अहम भूमिका निभाई थी।कांग्रेस का हमला: कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “विजय शाह ने सेना और हमारी बेटियों का अपमान किया है। अगर 24 घंटे में उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया, तो हम देशभर के थानों में FIR दर्ज कराएंगे।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शाह के बयान को “शर्मनाक और महिला विरोधी” करार दिया।विजय शाह का बचाव: विजय शाह ने मंगलवार को माफी मांगते हुए कहा, “मेरे बयान को गलत संदर्भ में लिया गया। मैं कर्नल सोफिया का अपनी बहन से ज्यादा सम्मान करता हूं।” हालांकि, उनकी माफी को विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने नाकافی बताया।पिछले विवाद: यह पहली बार नहीं है जब विजय शाह विवादों में घिरे हैं। 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी पर टिप्पणी के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।आगे क्या?: भाजपा के लिए यह मामला सियासी तौर पर नुकसानदायक साबित हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी शाह के खिलाफ सख्त कदम उठा सकती है, ताकि सेना और जनता की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। फिलहाल, सभी की नजरें मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा आलाकमान के अगले कदम पर टिकी हैं।

