मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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भूतकाल की घटनाओं को बार बार याद करना और उन पर अधिक चिंतन करना, मन की शांति के लिए हानिकारक हो सकता है । इसके साथ ही तनाव और चिंता भी पैदा कर सकती हैं। बीते समय की घटनाओं को लेकर यदि मन को कुरेदते रहोगे तो ना शांति मिलेगी और ना ही आनंद, जिसके फलस्वरूप हमारे लिए बीते समय में भोगे गए अच्छे व बुरे विषयों या घटनाओं को लेकर और काम, क्रोध, लोभ, भय, स्नेह, हर्ष व शोक आदि की बातों को बार-बार कुरेदते रहने की आदतों का त्याग करना ही हितकारी है और बीते हुए समय से सबक लेकर अपने अनुभव के आधार पर वर्तमान में सुधार लाना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है
याद रखो कि हम भूतकाल को कभी नहीं बदल सकते, किसी के स्वभाव को नहीं बदल सकते, जैसे कोई व्यक्ति मर जाये तो वह जिंदा नहीं हो सकता, चाहे हम कुछ भी कर ले । सिर्फ एक ही हल है कि पुरानी बातों के प्रति सकारात्मक रवैया अपना लें क्योंकि यह संसार की सब से महान समस्या है कि भूतकाल को कैसे भूलें ? भूतकाल पर ध्यान केंद्रित करने से वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए नई संभावनाओं का रास्ता बंद हो सकता है, वहीं भूतकाल की गलतियों या गलत फैसलों को याद करने से गुस्सा और पछतावा हो सकता है।इसलिए भूतकाल से सीख लेकर वर्तमान पर ध्यान देंगे तो भविष्य अपने आप सुधर जाएगा |
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

