सुऐब खान जिला संवाददाता मूकनायक सोनभद्र/डाला। सोनभद्र- स्थानीय बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के डाला बारी क्षेत्र में संचालित पट्टा धारक सन्तोष कुमार पुत्र स्व० माता प्रसाद के खदान में खनन कर्ताओं द्वारा रात के अंधेरे में पोकलेन मशीने और दर्जनों कम्प्रेसर चलावते हुए बड़े पैमाने पर हैवी ब्लास्टिंग करवाया जा रहा है और देर शाम तक लगभग सैकड़ों टीपरो से बोल्डर लोड कर परिवहन जोरो पर जारी है जिसमें राजस्व विभाग को बड़े पैमाने खनन कर्ता द्वारा चुना लगाया जा रहा है।जहां खनन कर्ताओं द्वारा मानक के विपरीत मनमानी रवैये से अवैध खनन जोरों पर किया जा रहा है वहीं शासन,प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।वही बात विभाग के दावों की करें तो कार्य पारदर्शिता के साथ होता है लेकिन धरातल पर तो कुछ और ही प्रत्यक्ष रूप से दिखाई पड़ता है।खनन में लगभग आधा दर्जन बड़ी-बड़ी पोकलेन मशीनों का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।
ओवर बैडन हटवाने के नाम पर पोकलेन मशीनों का दुरूपयोग करते हुए बोल्डर लोडींग किया जा रहा है।वहीं अवैध खनन को लेकर शासन व प्रशासन का सख्त निर्देश है कि खनन नियमावली के अनुसार खनन क्षेत्रो में अंधेरा होने के बाद किसी भी मजदूर या मशीनों का प्रयोग बंचित है लेकिन उसके बावजूद धड़ल्ले से कार्य को अंजाम दिया जा रहा है जिससे सरकार की छवि धूमिल किया जा रहा है।वहीं खनन विभाग द्वारा कुछ दिनों पुर्व एक प्रेस नोट जारी किया गया है जिसमें जिलाधिकारी सोनभद्र के निर्देशन में अवैध खनन/परिवहन की रोकथाम हेतु गठित टास्क फोर्स द्वारा माह अप्रैल से अभी तक 6840 प्रकरणों से रू0 25.00 करोड़ की वसूली वाहन स्वामियों/पट्टाधारकों/क्रशर प्लाण्ट स्वामियों से की गयी है तथा अवैध परिवहन के 89 प्रकरणों में सम्बन्धित थानों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया गया है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह नवम्बर तक 549.17 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है जिलाधिकारी द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व की प्राप्ति माह मार्च, 2025 तक शत प्रतिशत किये जाने के कड़े निर्देश दिये गये तथा अवैध खनन,परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही की जाय।अवैध खनन,परिवहन पर किसी भी प्रकार की सिथिलता न की जाय।लेकिन इसके बावजूद भी खनन कर्ताओं पर निर्देश का कोई खास असर नहीं दिखाई पड़ता है और डाला बारी में संचालित पट्टा धारक- संतोष कुमार पुत्र स्व.माता प्रसाद के खदान में खनन कर्ता द्वारा खनन नियमावली की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।

