मूकनायक समाचार । राजपीपला
नर्मदा जिले के सागबारा तालुका के चाटुवड़ गांव की एक महिला की शिकायत के मामले में सागबारा कोर्ट ने पीएसआई अंजना वलवी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। भरूच पुलिस में कार्यरत महिला पुलिस सब-इन्स्पेक्टर अंजना करमसिंघ वलवी और एक अन्य महिला भाग्यश्री विनायक वलवी के खिलाफ अपराध दर्ज करने के लिए कोर्ट ने सागबारा पुलिस को निर्देश दिया है।
फरियादी महिला ने पहले लिखित शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने पर कोर्ट की शरण ली थी। चाटुवड़ गांव की रहने वाली पूनमवती रावजी वसावा ने सागबारा पुलिस को दी लिखित शिकायत में कहा है कि 3 जून, 2025 को महिला पीएसआई अंजना करमसिंह वलवी और भाग्यश्री विनायक वलवी उनके घर में घुस आईं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों महिलाओं ने उन्हें ‘तू डायन है’ कहकर गाली दी और मारपीट की। फरियादी महिला के अनुसार, पेट के हिस्से में पहले ऑपरेशन हुआ था, फिर भी उस जगह पर मारपीट की गई। इसके अलावा, उन्हें दरवाजे से टकराकर चोटें पहुंचाई गईं।
शिकायत में आगे कहा गया है कि आरोपियों ने पुलिस की पहचान बताकर धमकी दी कि वे उनके खिलाफ कुछ नहीं कर पाएंगी और देख लेंगी कि वे किस पुलिस स्टेशन या कोर्ट में जाएंगी। इस मामले में पूनमवती रावजी वसावा ने सागबारा पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनकी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उन्होंने न्याय पाने के लिए सागबारा कोर्ट में आवेदन किया।
अर्जी की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रस्तुत तथ्यों और सबूतों को ध्यान में रखा। कोर्ट ने कहा कि शिकायत में संज्ञेय अपराध के तथ्य सामने आते हैं, फिर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। फरियादी के अनुसार, पुलिस ने चेप्टर केस की कार्रवाई की, जिसमें महिला पीएसआई को बरी कर दिया गया। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सागबारा कोर्ट ने महिला पीएसआई अंजना करमसिंघ वलवी और भाग्यश्री विनायक वलवी के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सागबारा पुलिस को 48 घंटे में एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को देने को कहा है।
यह मामला फरियादी महिला की शिकायत और कोर्ट के आदेश के बाद फिर चर्चा में आया है। हालांकि, दोनों महिलाओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से तय होगी।

