मूकनायक/राजेश कुमार जिला ब्यूरो चीफ बस्ती/उत्तर प्रदेश
पत्रकार सुरक्षा कानून से लेकर एक करोड़ की सहायता तक—राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ ने एमएलसी सुरेंद्र चौधरी के जरिए उठाई आवाज
बस्ती। पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के सवाल पर राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ ने प्रदेश सरकार के सामने अपनी मांगें मजबूती से रखी हैं। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह ने विधान परिषद सदस्य एवं राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति, उत्तर प्रदेश के सदस्य सुरेंद्र चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पत्रकार हितों से जुड़े सात प्रमुख मुद्दों पर तत्काल पहल की मांग की है।
संघ का कहना है कि जनहित, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों को सामने लाने के दौरान पत्रकारों को दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट कानूनी प्रावधान और प्रभावी सरकारी तंत्र समय की जरूरत है।
सात सूत्रीय मांगों में क्या है?
- पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए
प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने के साथ पत्रकारों पर हमले को संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध बनाया जाए। हमले के मामलों में अनिवार्य एफआईआर, समयबद्ध जांच और पत्रकारों को धमकी व हिंसा से बचाने के लिए प्रभावी सुरक्षा तंत्र की मांग की गई है। - कथित फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा हो
पत्रकारों के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी एवं दुर्भावनापूर्ण मुकदमों की समीक्षा कराई जाए। समाचार संकलन, प्रकाशन या प्रसारण से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो और जांच में निराधार पाए जाने वाले मुकदमों को वापस लेने की नीति बनाई जाए। - प्रत्येक जिले में मीडिया सुरक्षा सेल बने
पत्रकारों की शिकायतों और सुरक्षा संबंधी मामलों के त्वरित समाधान के लिए हर जनपद में मीडिया सुरक्षा सेल गठित किया जाए। साथ ही पत्रकारों की शिकायतों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की गई है। - पुलिस-प्रशासन और पत्रकार संगठनों के बीच नियमित संवाद हो
जिला स्तर पर पुलिस-प्रशासन एवं पत्रकार संगठनों की नियमित बैठक कराई जाए, ताकि पत्रकारों की समस्याओं और सुरक्षा संबंधी शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो सके। - टोल और स्वास्थ्य सुविधाओं में राहत मिले
पत्रकारों को टोल प्लाजा शुल्क में पूर्ण अथवा आंशिक छूट देने तथा पत्रकारों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुविधाओं में विशेष रियायत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। - शिक्षा और बीमा की सुविधा मिले
पत्रकारों के बच्चों की शिक्षा के लिए फीस में छूट की नीति लागू करने के साथ पत्रकारों के लिए विशेष बीमा योजना शुरू करने की मांग उठाई गई है। - कवरेज के दौरान मौत पर एक करोड़ तक सहायता
ड्यूटी या कवरेज के दौरान पत्रकार की मृत्यु होने की स्थिति में उनके परिजनों को एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है।
विधान परिषद में आवाज उठाने की अपील
राहुल सिंह ने एमएलसी सुरेंद्र चौधरी से अपील की है कि पत्रकारों से जुड़े इन मुद्दों को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में प्रभावी ढंग से उठाया जाए। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों की समीक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर सदन में गंभीर चर्चा कराने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के अनुसार, पत्रकारों की सुरक्षा केवल पत्रकारों का निजी या पेशागत मुद्दा नहीं है। यह प्रेस की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा सवाल है। संघ ने मुख्यमंत्री से सातों मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है।

