मूकनायक/न्यूज/यशपाल सोलंकी /भरतपुर/राजस्थान
पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के संबंध में रविवार को जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित चुनाव कार्यक्रम एवं निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भरतपुर जिले में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए चुनाव तृतीय व चतुर्थ चरण में निर्धारित किया गया है। चरणवार कार्यक्रम के अनुसार तृतीय चरण में नदबई, वैर, भुसावर एवं बयाना तथा चतुर्थ चरण में सेवर, उच्चैन एवं रूपवास क्षेत्र शामिल हैं। जिले में पंचायत समिति एवं जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं, मतदान केन्द्रों एवं अन्य निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की गई।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 4 नवंबर तथा 14 नवंबर 2026 को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक निर्धारित है। मतगणना 20 नवंबर 2026 को प्रातः 8 बजे से मतगणना पूर्ण होने तक जिला मुख्यालय पर होगी। इसके पश्चात जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर तथा उप जिला प्रमुख का चुनाव 26 नवंबर को होगा। पंचायत समिति प्रधान एवं उप प्रधान के चुनाव क्रमशः 27 एवं 28 नवंबर को निर्धारित हैं।
बैठक में पंचायत समिति सदस्यों, प्रधान एवं उप प्रधान तथा पंच एवं सरपंच के चुनावों के लिए भी चरणवार निर्वाचन कार्यक्रम की जानकारी दी गई। पंच एवं सरपंच के लिए तृतीय चरण में 6 नवंबर तथा चतुर्थ चरण में 16 नवंबर 2026 को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक मतदान निर्धारित किया गया है।
निर्वाचन प्रक्रिया एवं आचार संहिता की पालना पर जोर
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। नवीन निविदाओं, नवीन योजनाओं एवं नवीन विकास कार्यों पर आचार संहिता के प्रावधान लागू रहेंगे, जबकि आचार संहिता लागू होने से पूर्व स्वीकृत अथवा प्रारंभ किए जा चुके विकास कार्य इससे प्रभावित नहीं होंगे।
बैठक में राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों को निर्वाचन प्रचार के दौरान वाहनों, लाउडस्पीकर, कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर एवं बैनर के उपयोग से संबंधित आयोग के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। जिला परिषद सदस्य के चुनाव में अधिकतम तीन, पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में दो तथा सरपंच चुनाव में एक वाहन के उपयोग का प्रावधान बताया गया है। वाहनों के उपयोग से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को सूचना एवं आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
लाउडस्पीकर के उपयोग, प्रचार सामग्री के प्रदर्शन तथा सार्वजनिक स्थलों पर कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर एवं बैनर लगाने के संबंध में भी निर्धारित प्रतिबंधों एवं अनुमति प्रक्रिया की जानकारी दी गई। मतदान केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर अथवा बैनर लगाने की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में बताया गया कि मतदान केन्द्र के भीतर अथवा 100 मीटर की परिधि में मतों के लिए प्रचार करना, किसी मतदाता से उसका मत मांगना, किसी विशेष अभ्यर्थी के पक्ष या विपक्ष में मतदान के लिए प्रेरित करना अथवा निर्वाचन संबंधी अनधिकृत सूचना प्रदर्शित करना प्रतिबंधित रहेगा।
मतदाता सुविधा एवं निर्वाचन व्यवस्थाएं
मतदान के दौरान मतदाताओं की सहायता के लिए मतदान भवन के समीप वोटर असिस्टेंस बूथ स्थापित किए जाएंगे। इन बूथों के माध्यम से मतदाताओं को उनके मतदान केन्द्र एवं क्रमांक की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए भी विशेष सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में निर्वाचन संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं आमजन से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर 24×7 निर्वाचन नियंत्रण कक्ष संचालित है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 05644-220320 है।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर चुनाव अनुभाग के ओएसडी आईएएस भानु शर्मा, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी हेमंत शर्मा, भाजपा प्रतिनिधि उत्तम शर्मा, कॉंग्रेस प्रतिनिधि योगेश सिंघल, बबीता शर्मा, सीपीआईएम के जितेंद्र कुंभज, आप के ओमप्रकाश चौधरी, बसपा के हितेश कुमार उपस्थित रहे।

