मूकनायक/रिपोर्टर, राजेश कुमार/बस्ती/उत्तर प्रदेश
भिउरा ग्राम पंचायत में पंचायत भवन लंबे समय से बंद रहने का आरोप, सचिव ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन, खुद की उपस्थिति पर भी उठे सवाल
बस्ती। जनपद बस्ती के थाना क्षेत्र वॉल्टरगंज अंतर्गत विकासखंड सल्टौआ गोपालपुर की ग्राम पंचायत भिउरा में पंचायत भवन पर लंबे समय से ताला लटकने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन अधिकांश समय बंद रहता है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और पंचायत संबंधी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन कभी नियमित रूप से नहीं खुलता और न ही वहां पंचायत से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर उपस्थित रहते हैं। पंचायत भवन बंद रहने से प्रमाण पत्र, योजनाओं की जानकारी, शिकायतों के निस्तारण तथा अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मामले को लेकर जब ग्राम पंचायत के सचिव चंद्रशेखर से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यदि पंचायत भवन वास्तव में नियमित रूप से नहीं खुल रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत सहायिका की जिम्मेदारी पंचायत भवन को संचालित करने की है और यदि लापरवाही पाई गई तो पंचायत सहायिका का वेतन रोका जाएगा तथा नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
हालांकि ग्रामीणों ने सचिव के इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत भवन की व्यवस्था की जिम्मेदारी केवल पंचायत सहायिका की नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव चंद्रशेखर स्वयं भी पंचायत भवन में महीने में एक बार तक उपस्थिति दर्ज कराने नहीं पहुंचते हैं। ऐसे में पंचायत भवन के संचालन और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विकासखंड अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पंचायत भवन को नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत भवन ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रमुख केंद्र है, लेकिन लंबे समय से बंद रहने के कारण इसकी उपयोगिता समाप्त होती जा रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और पंचायत भवन की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

