Tuesday, October 20, 2026
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नरखोरिया के आलोक बौद्ध विहार में गूंजा धम्म का संदेश, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया शांति, करुणा और समानता का संकल्प

मूकनायक/राजेश कुमार जिला ब्यूरो चीफ बस्ती/उत्तर प्रदेश

विशाल धम्म देशना एवं बौद्ध मेले में उमड़ा जनसैलाब, पूज्य भिक्खु बुद्ध रतन जी की गरिमामयी उपस्थिति में वक्ताओं ने जगाई बौद्ध चेतना

बस्ती। नरखोरिया स्थित आलोक बौद्ध विहार में विशाल धम्म देशना एवं बौद्ध मेले का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पूजा-अर्चना की तथा भिक्खुओं और विद्वान वक्ताओं के विचारों को सुनकर भगवान बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करने का संदेश लिया। कार्यक्रम में पूज्य भिक्खु बुद्ध रतन जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता गंगाराम, नायब तहसीलदार सदर देवरिया ने की, जबकि संचालन तिलक राम गौतम, कोषाध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा उत्तर प्रदेश ने किया। आलोक बौद्ध विहार के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बौद्ध धम्म, सामाजिक समानता, शिक्षा, जागरूकता और मानवता के मूल्यों पर चर्चा की गई।

धम्म देशना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तथागत गौतम बुद्ध के विचार आज भी समाज को शांति, करुणा, मैत्री और समानता का मार्ग दिखाते हैं। बुद्ध का धम्म मानव कल्याण और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने लोगों से बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय मिशन गायिका मालती राव ने गीत-संगीत के माध्यम से बौद्ध धम्म और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुतियों के जरिए भगवान बुद्ध के विचारों, संघर्षों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा दी गई।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में केदारनाथ आजाद, प्रांतीय पूर्वांचल उपाध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा उत्तर प्रदेश, राम मिलन गौतम, नीलमा गौतम, डॉ. संजय कुमार गौतम, ईएनटी सर्जन ओपेक बस्ती, डॉ. एस.पी. भारती, ट्रामा सेंटर बस्ती तथा डॉ. रमेश चंद्रा, आर्यम हॉस्पिटल बस्ती उपस्थित रहे।

वहीं, वक्ताओं में बुद्धिप्रकाश एडवोकेट, अतीकुर्रहमान, नायब पटेल, शैलेन्द्र कुमार अम्बेडकर, प्रवक्ता अशोक मास्टर साहब और अनिल कुमार गौतम सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करने, शिक्षा को बढ़ावा देने तथा समता, बंधुत्व और मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

आयोजन में श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी ने धम्म के प्रति लोगों की आस्था और जागरूकता को प्रदर्शित किया। धम्म देशना एवं बौद्ध मेले के माध्यम से सामाजिक एकता, भाईचारे और बुद्ध के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

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