लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक परिवारों की अगली पीढ़ी भी सक्रिय होने लगी है। विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं के बेटे-बेटियां अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता को आगामी चुनाव में टिकट की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। भाजपा में राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बेटे करन महाना और पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी भी चर्चा में हैं। वहीं, बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह की नोएडा में सक्रियता को भी संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद, केराकत विधायक तूफानी सरोज के बेटे धनंजय और अमरोहा विधायक महबूब अली के बेटे परवेज अली के नाम भी चर्चा में हैं। संभल के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को लेकर भी राजनीतिक अटकलें हैं।
दिवंगत नेताओं के परिवारों में भी राजनीतिक विरासत संभालने की चर्चा है। निजामाबाद में दिवंगत विधायक आलम बदी के बेटे मुस्तजाब आलम, बांसडीह में राम गोविंद चौधरी के बेटे रणजीत चौधरी और फतेहाबाद में दिवंगत विधायक छोटे लाल के परिवार के सदस्यों के नाम संभावित दावेदारों में शामिल हैं। फिलहाल इन नेताओं और उनके परिवारों की सक्रियता ने टिकट को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। उम्मीदवारों की वास्तविक स्थिति संबंधित दलों की रणनीति और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

