मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत में आज सर्व विपक्ष द्वारा ज्ञानेशकुमार इस्तिफा दे, वोट चोर गद्दी छोड के नारे के साथ आयोजित रैली और कलेक्टर कचहरी को ज्ञापन देने का कार्यक्रम आयोजित हुआ था किन्तु पुलिस ने कार्यक्रम को रोककर डिटेईन कर लिया। वनिता विश्राम से कलेक्टर कचहरी तक रैली स्वरूप पहुंची और मांग करने की योजना थी किन्तु पुलिस की परमिशन बिना कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश करने पर विरोध प्रदर्शनकारियों को स्थल पर ही रोक दिया।
विपक्ष नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गैररीति हुई है और ज्ञानेशकुमार की भूमिका संदेहास्पद है, जिससे उन्हें इस्तिफा देना चाहिए। वोट चोर के बैनर के तहत आने वाले कार्यकरों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर जांच करने की मांग की थी। जोकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैली को रोक दी और मौके पर ही डिटेईन की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के लिए परमिशन लेना जरूरी था, जो मिली नहीं थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने रैली को रोका, अगर हिंसा या अवरोध न हो इसके लिए कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि डिटेईन किए कार्यकरो ने थोडे घण्टे के बाद मुक्त कर दिए। विपक्ष नेताओं ने यह कदम को लोकशाही पर हमला बताया। हम शांतिपूर्ण रूप से मांग करने के लिए नीकले थे, किन्तु पुलिस ने रोका। यह सरकार की दमनकारी नीति दर्शाती है, एक नेता ने कहा। भाजपा के स्थानिय नेताओं ने बताया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई हुई है और विपक्ष को परमिशन लेनी चाहिए थी। दूसरी ओर विपक्ष ने आगामी दिनों में वापस एक बार कार्यक्रम आयोजित करने की चेतावनी दी है, जबकि पुलिस ने कानून की पालना करने के लिए अनुरोध किया है।

