नारी सशक्तिकरण से लेकर जल संरक्षण, नशामुक्ति और देशभक्ति तक दिखे जागरूकता के रंग; सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
मूकनायक समाचार —/ सत्यशील गोंडाने / बालाघाट (मध्यप्रदेश)
बालाघाट, 12 अक्टूबर 2026। कला केवल रंगों और रेखाओं का संगम नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने और लोगों की सोच बदलने का सशक्त माध्यम भी है। इसी भावना को साकार करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत वीरांगना रानी अवंती बाई शासकीय महाविद्यालय, खैरलांजी में विद्यार्थियों ने ग्रीटिंग कार्ड निर्माण एवं पेंटिंग गतिविधि के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का प्रभावशाली संदेश दिया।
महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत’, नारी सशक्तिकरण, भारतीय सेना, जल संवर्धन, ऊर्जा संरक्षण, नशामुक्ति और लोक संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक पेंटिंग बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने बेहतर समाज, सशक्त राष्ट्र और जिम्मेदार नागरिकता की कल्पना को रंगों में उकेरा।
पेंटिंग में उभरी सामाजिक बदलाव की तस्वीर
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने कला के माध्यम से समाज की ज्वलंत चुनौतियों और सकारात्मक बदलाव की संभावनाओं को सामने रखा। नारी सशक्तिकरण के विषय ने महिलाओं की भागीदारी और समान अवसरों के महत्व को रेखांकित किया, वहीं भारतीय सेना से संबंधित पेंटिंग के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना व्यक्त की गई।
जल संवर्धन और ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों के जरिए प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर किया गया। नशामुक्ति से संबंधित चित्रों ने स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया, जबकि लोक संस्कृति पर आधारित कलाकृतियों में भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति विद्यार्थियों का जुड़ाव दिखाई दिया।
‘मेरे सपनों का भारत’ विषय के माध्यम से विद्यार्थियों ने ऐसे राष्ट्र की कल्पना प्रस्तुत की, जहां शिक्षा, समानता, जागरूकता, सामाजिक सद्भाव और जिम्मेदार नागरिकता को महत्व मिले।
प्राचार्य नीरज सिंह ठाकुर के निर्देशन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य नीरज सिंह ठाकुर के निर्देशन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी रोहित कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में किया गया।
आयोजन का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना, उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना तथा समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराना रहा। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि सामाजिक बदलाव की शुरुआत जागरूक नागरिकों से होती है।
17 सितंबर से संचालित है सेवा संकल्प अभियान
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी रोहित कुमार पाण्डेय ने बताया कि 17 सितंबर से संचालित सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के कार्यों के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सहभागिता से समाज में सकारात्मक विचारों का प्रसार किया जा सकता है। रचनात्मक गतिविधियां युवाओं को सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ उन्हें समाधान की दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करती हैं। विद्यार्थियों के माध्यम से समाज तक जागरूकता के संदेश पहुंचाकर ‘मेरे सपनों का भारत’ के संकल्प को साकार करने में योगदान दिया जा सकता है।
रचनात्मकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ
प्राचार्य नीरज सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों की कला को निखारने के साथ उन्हें सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाती हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, रचनात्मकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। साथ ही वे समाज और राष्ट्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को समझकर अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना सीखते हैं।
युवाओं की भागीदारी से साकार होगा जागरूक समाज का सपना
खैरलांजी महाविद्यालय में आयोजित यह गतिविधि इस बात को रेखांकित करती है कि युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा का उपयोग सामाजिक जागरूकता के विस्तार में किया जा सकता है। जब विद्यार्थी कला के माध्यम से जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और देशभक्ति जैसे विषयों को उठाते हैं, तो ये संदेश कक्षा की सीमाओं से निकलकर व्यापक सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, स्टाफ सदस्य, एनएसएस स्वयंसेवक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

