मूकनायक / रिपोर्टर धर्मवीर गौतम / हिंडौन सिटी
हिंडौन सिटी। शहर के प्रसिद्ध जलसेन बांध और उसके कैचमेंट क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने राज्य सरकार को जल क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जलसेन बांध के भराव क्षेत्र और आसपास के हिस्सों में किए गए अवैध निर्माण व अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। मामले में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से अदालत को कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
बताया गया कि छह माह की समय सीमा के भीतर जलसेन बांध के कैचमेंट एवं संबंधित जल क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही गई है।
जलसेन बांध हिंडौन शहर के महत्वपूर्ण जल स्रोतों में शामिल रहा है। कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण बढ़ने से बांध में पानी की आवक और जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की चिंता लंबे समय से सामने आती रही है। ऐसे में हाईकोर्ट के निर्देश को जलसेन बांध के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब आगामी छह माह में प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी कि कैचमेंट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जमीनी स्तर पर किस तरह के कदम उठाए जाते हैं।

