शिक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान
मूकनायक रमेश पोडिया/ करनाल/ हरियाणा
करनाल, 4 अक्टूबर। हुड्डा ग्राउंड, सेक्टर-12 करनाल में आयोजित बेगमपुरा स्वाभिमान प्रबुद्ध सम्मेलन ऐतिहासिक एवं सफल रहा। सम्मेलन में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, माताओं-बहनों, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर सामाजिक एकता, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक सम्मान, भूमि अधिकार तथा संविधान द्वारा दिए गए मौलिक और सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। समाज को अपने अधिकारों की जानकारी हासिल कर संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश प्रभारी चौधरी सही राम ने कहा कि समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी के प्रति जागरूक रहना होगा। सामाजिक परिवर्तन के लिए मजबूत संगठन और एकजुटता आवश्यक है।
राजकुमार सैनी ने सामाजिक समानता और भाईचारे पर जोर देते हुए कहा कि समाज की तरक्की तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और अधिकार प्राप्त हों। उन्होंने शिक्षा और जागरूकता को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
संदीप वाल्मीकि ने कहा कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ उन्हें संविधान और अपने अधिकारों की जानकारी देना जरूरी है। संगठित समाज ही अपने अधिकारों की प्रभावी आवाज बन सकता है।
सम्मेलन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बहुजन चिंतकों ने भी शिरकत की। इनमें चौधरी सही राम, रामदास कर्णवाल, रूपचंद कटारिया, जसबीर कुटेल, प्रवीण बटोही, कुमारी शैलजा, पूर्व शिक्षा मंत्री हरियाणा गीता भुक्कल, कर्मबीर बौद्ध, संदीप वाल्मीकि, राजकुमार सैनी, मंजीत मोखरा, राजिंदर मान, दीप रविदासिया, रामनिवास मोहड़ी, अनिल रंगा, श्रीराम, धर्मपाल गोंदर सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान बहुजन मिशनरी सिंगर मंजीत मेहरा और सविता आंबेडकर ने गीतों एवं मिशनरी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, समानता, संविधान और बहुजन समाज के अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उनकी प्रस्तुतियों ने सम्मेलन में मौजूद लोगों में उत्साह और सामाजिक चेतना का संचार किया।
कार्यक्रम के आयोजन में अशोक कलसन, मलखान नंबरदार, कृष्ण सरपंच, चरण गगसिना, रिंकू घरौंडा, दीपक बसताड़ा, राम चौहान, नवीन काछवा, राजीव गोंदर, एडवोकेट अमरजीत धानिया, एडवोकेट एस.के. भुक्कल, रिंकू डोंकल सहित आयोजन कमेटी के सदस्यों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सम्मेलन में सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए शिक्षा, सम्मान, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, भूमि अधिकार और संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि करनाल की धरती पर आयोजित यह सम्मेलन सामाजिक स्वाभिमान, जागरूकता और एकता को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

