मूकनायक समाचार । सूरत
कापोदरा निवासी एक बच्ची के गुप्तांग के साथ छेडखानी करने वाले पोक्सो एक्ट भंग करने वाले 64 वर्षीय अपराधी को पोक्सो मामलों की खास अदालत के अधिक सेशन्स जज एच.एम. व्यास ने सभी गुनाह में दोषित करार देते हुए आजीवन कैद और 40 हजार रुपये जुर्माना और अगर जुर्माना नहीं भरे तो अधिक 1 साल की कैद और बच्ची को 6 लाख चूकाने के लिए हुक्म किया है।
कापोदरा पुलिस थाना अंतर्गत निवासी 5 वर्षीय बच्ची के शिकायती सौतेले पिता ने गत दिनांक 13 सितम्बर, 2024 को अपने नजदिकी संबंधी मूलतः यु.पी. के प्रतापगढ जिला के निवासी 64 वर्षीय अपराधी रामपात रामसुमेर बिन्द (निवासी-शिवराम नगर, कापोदरा) के खिलाफ अपनी बच्ची के गुप्तांग के साथ अपराधी ने छेडखानी कर पोक्सो एक्ट का भंग करने के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। कापोदरा पुलिस ने अपराधी रामपात बिन्द को बीएनएस धारा-64 (2) (एफ) 64 (2) (आई) 65 (2) तथा पोक्सो एक्ट नई धारा – 4, 5(एम), 5(एन), 6, 8 और 12 के भंग करने हेतु गिरफ्तार कर जैल भेज दिया।
एक साल तक जैल में सजा काट रहे अपराधी के खिलाफ नियत समय में चार्जशीट पेश कर स्पीडी ट्रायल शुरू की। बचाव पक्ष ने बताया कि शिकायती तथा अपराधी के बीच भूमि संबंधी झगडा चलता था जिससे गलत शिकायत की है। शिकायती पक्ष ने भोग बनी सगीरा होने का दस्तावेज पेश किया नहीं है। इस मामले में स्वतंत्र साक्षी नहीं है। जिससे एपीपी विशाल फळदु ने कुल 13 साक्षी तथा 25 दस्तावेज पेश किए थे। जिससे कोर्ट ने अपराधी रामपात बिन्द को आक्षेपित सभी गुनाह में दोषी ठहराकर आजीवन कैद, जुर्माना तथा भोग बनी बच्ची को रुपये चुकाने का हुक्म किया है।
कोर्ट ने बताया कि भारतीय बंधारण बच्चों और स्त्रीयों की रक्षा करने की सभी नागरिकों का मूलभूत फर्ज बताया। अपराधी ने खुद फर्ज बजाने से चुक गया और निष्फल साबित हुआ बल्के बच्ची के साथ गंभीर गुनाह किया है। जिससे बच्ची पर पूरे जीवन पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पडा है। बलात्कार स्त्री और उनके शरीर का मूलभूत अधिकार का भंग करने वाला होने से उसे नरमाश से नहीं लिया जा सकता।

