Tuesday, October 20, 2026
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हरदीबाजार के अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में महिला की संदिग्ध मौत, इलाज में लापरवाही

हरदीबाजार के अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में महिला की संदिग्ध मौत, इलाज में लापरवाही के आरोप से भड़का जनआक्रोश

मूकनायक |स्वराज मेश्राम | कोरबा, छत्तीसगढ़

जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद भी 60 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम, परिजनों ने मुआवजे और निष्पक्ष जांच की मांग की; विधायक प्रेमचंद पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे

हरदीबाजार (कोरबा)। हरदीबाजार स्थित अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान 60 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

मृतका की पहचान ग्राम पंचायत रेकी निवासी भगा बाई (60 वर्ष), पति गौठिया पटेल के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति नाराजगी जाहिर की।

तालाब से लौटते समय बिगड़ी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे भगा बाई गांव के तालाब में स्नान कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान उन्हें अचानक शरीर में तेज दर्द और पीड़ा महसूस हुई। परिजन उन्हें तत्काल हरदीबाजार स्थित अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

अस्पताल में चिकित्सकों ने ब्लड प्रेशर सहित अन्य आवश्यक जांच कराने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार, बाहर से कराई गई सभी जांचों की रिपोर्ट सामान्य आई थी। जांच के बाद महिला स्वयं पैदल चलकर अस्पताल के भीतर पहुंची थीं। इसके बाद प्रभारी चिकित्सक ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर उनकी मृत्यु हो गई।

महिला की अचानक हुई मौत से परिजन स्तब्ध रह गए। वहीं, ग्रामीणों ने उपचार प्रक्रिया और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

अस्थाई अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि हरदीबाजार के मूल अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण के बाद जब स्वास्थ्य केंद्र को पुराने तहसील भवन में अस्थाई रूप से संचालित किया गया था, तब पाली ब्लॉक के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) ने मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देने का आश्वासन दिया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान में अस्पताल में समुचित उपचार सुविधाओं और आवश्यक दवाओं का अभाव है। सामान्य जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में पहले भी उपचार संबंधी लापरवाही की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

हालांकि, महिला की मृत्यु के वास्तविक कारणों और उपचार में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन, पोस्टमार्टम से किया इनकार

घटना के बाद बीएमओ और स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक के प्रति परिजनों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे तहसीलदार ने दोनों पक्षों की बात सुनी और शव का पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने इसे स्वीकार नहीं किया।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई शामिल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला के शव को पाली ब्लॉक के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र के फ्रीजर में रखने की व्यवस्था की गई, जबकि रातभर हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दीपका, कुसमुंडा और हरदीबाजार पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद रहीं।

विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर

घटना की जानकारी मिलते ही कटघोरा क्षेत्र के विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

इस दौरान नरेश टंडन, अनिल टंडन, हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, अनुसुईया राठौर, मनमोहन खांडे, श्याम रात्रे, कृष्णा पटेल, रमेश अहीर, इंद्र भूषण ओढ़े (पंच), उत्तम पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग की जांच पर टिकी निगाहें

हरदीबाजार के अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में हुई इस घटना ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों और परिजनों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

महिला की मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने तथा उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में पारदर्शी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

मूकनायक | कोरबा, छत्तीसगढ़
जनता की आवाज़, जनहित की खबर।

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