Saturday, July 25, 2026
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मूकनायक” से “जनता” तक: विचारों की वह यात्रा जिसने समाज को नई दिशा दी

डॉ. भीमराव आंबेडकर का मानना था कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए उसकी अपनी स्वतंत्र और जागरूक आवाज़ होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने पत्रकारिता को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया।
31 जनवरी 1920 को डॉ. आंबेडकर ने “मूकनायक” समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया। “मूकनायक” का अर्थ है— उन लोगों का नेता या प्रवक्ता, जिन्हें बोलने का अवसर नहीं मिला। उस समय अनुसूचित जाति, वंचित और पिछड़े वर्गों की समस्याओं को मुख्यधारा के समाचार पत्रों में पर्याप्त स्थान नहीं मिलता था। “मूकनायक” ने शिक्षा, सामाजिक समानता, जातिगत भेदभाव, मानवाधिकार और आत्मसम्मान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस पत्र ने हजारों लोगों में जागरूकता पैदा की और उन्हें अपने अधिकारों के लिए संगठित होने की प्रेरणा दी।
इसके बाद डॉ. आंबेडकर ने 3 अप्रैल 1927 को “बहिष्कृत भारत” का प्रकाशन प्रारंभ किया। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने सामाजिक परिवर्तन, अस्पृश्यता, शिक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार लेख लिखे तथा समाज को संगठित करने का कार्य किया।
फिर 24 नवंबर 1930 को उन्होंने “जनता” समाचार पत्र की शुरुआत की। “जनता” केवल एक अख़बार नहीं था, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, लोकतंत्र, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों का वैचारिक मंच था। इसमें देश की राजनीति, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं, वंचित वर्गों और राष्ट्रीय घटनाओं पर गंभीर विचार प्रकाशित होते थे। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक जागरूकता पहुँचाना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना था।
बाद में 1956 में “जनता” का नाम बदलकर “प्रबुद्ध भारत” रखा गया। यह परिवर्तन डॉ. आंबेडकर के उस विचार को दर्शाता है कि समाज केवल अधिकारों के लिए संघर्ष ही न करे, बल्कि ज्ञान, विवेक और मानवीय मूल्यों के आधार पर एक प्रबुद्ध समाज का निर्माण भी करे।
डॉ. आंबेडकर के ये समाचार पत्र केवल प्रकाशन नहीं थे, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन थे। इन्होंने लाखों लोगों में शिक्षा, आत्मसम्मान, संगठन और लोकतांत्रिक चेतना का संचार किया। आज भी “मूकनायक”, “बहिष्कृत भारत” और “जनता” भारतीय पत्रकारिता और सामाजिक न्याय के इतिहास में प्रेरणा के अमिट स्रोत माने जाते हैं।

गणेशलाल रायकवाल
संस्थापक अध्यक्ष
संवैधानिक अधिकार जनजागृति
संस्थान उदयपुर

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