मूलनिवासी सभ्यता संघ के द्वारा
सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर 25 मार्च 2026 को देशभर में भव्य शोभायात्राएँ एवं विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
मूकनायक
छत्तीसगढ़
मूलनिवासी सभ्यता संघ द्वारा महान सम्राट अशोक की जयंती के उपलक्ष्य में 25 मार्च 2026 को पूरे भारत में भव्य शोभायात्राओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मूलनिवासी समाज के सभी वर्गों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सम्राट अशोक (304 ईसा पूर्व – 232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध शासकों में से एक थे। उनका जन्म चैत्र शुक्ल अष्टमी को हुआ था। सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल में नैतिकता, अहिंसा, समानता और लोककल्याण को शासन का आधार बनाया तथा मानवता, बंधुत्व और शांति का संदेश देश-विदेश तक पहुँचाया।
कार्यक्रम के अंतर्गत देश के विभिन्न शहरों में ऐतिहासिक स्थलों, सार्वजनिक उद्यानों अथवा सम्राट अशोक स्तंभों से शोभायात्राएँ निकाली जाएँगी। शोभायात्राओं में सम्राट अशोक के जीवन और उनके धम्म संदेशों पर आधारित झांकियाँ प्रस्तुत की जाएँगी। साथ ही पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोकनृत्य और लोकगीतों के माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी तथा नाटक एवं लघु नाटिकाओं द्वारा कलिंग युद्ध से धम्म विजय तक सम्राट अशोक के जीवन परिवर्तन को दर्शाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर “सम्राट अशोक के विचार और आधुनिक लोकतंत्र” विषय पर विचार गोष्ठियों एवं व्याख्यानों का आयोजन किया जाएगा। अशोककालीन शिलालेखों, स्तूपों और मौर्यकालीन कला से संबंधित चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। स्कूली बच्चों के लिए निबंध लेखन, चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएँगी, जिनका विषय “सम्राट अशोक के शिलालेख और भारतीय संविधान” रखा गया है।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस वर्ष सम्राट अशोक जयंती को “मूलनिवासी सभ्यता संवर्धन दिवस” के रूप में मनाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक विरासत, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के आदर्शों से परिचित कराया जा सके।
मूलनिवासी सभ्यता संघ ने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर लेखकों, कवियों, कलाकारों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में अपना समय, प्रतिभा और सहयोग प्रदान करें तथा अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाकर इसे सफल बनाएं।अरुणा तिरपुडे
राष्ट्रीय महासचिव
मूलनिवासी सभ्यता संघ,
सुनील कुमार
राष्ट्रीय अध्यक्ष
मूलनिवासी सभ्यता संघ ने जानकारी दी।


