“लगातार 5वें दिन बिलासपुर जिले में राईस मिलर के विरूद्ध की गइ कार्यवाही-सिरगिट्टी क्षेत्र में संचालित राईस मिल हुई सील
बिलासपुर छत्तीसगढ़
शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा जिले के समितियों से धान उठाव का कार्य किया जा रहा है। उपरोक्त कार्य की निगरानी हेतु शासन द्वारा आई०सी०सी०सी० कमाण्ड सेन्टर का गठन किया गया है। जिसके तहत् धान उठाव के कार्य में लगे वाहनों को जी०पी०एस० के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है। वाहन द्वारा समिति से धान उठाव करने के पश्चात् अधिक समय तक एक स्थान पर रूकने एवं वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक मात्रा में धान का परिवहन करने पर उपरोक्त की सूचना आई०सी०सी०सी० पोर्टल पर ऑनलाईन प्रदर्शित होने लगती है। ऐसे प्रकरणों की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित होने पर कठोर कार्यवाही कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।
उपरोक्त अनुक्रम में कलेक्टर के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (रा०) बिलासपुर मनीष साहू के नेतृत्व में तहसीलदार बिलासपुर प्रकाश साहू, खाद्य निरीक्षक मंगेश कान्त, श्रीमती ललिता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से जिला बिलासपुर से सिरगिट्टी क्षेत्र में में संचालित कटस्म मिलिंग हेतु पंजीकृत राईस मिल अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट की जाँच की गई। राईस मिलर द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उठाव किये गये धान का मिल परिसर में भौतिक सत्यापन किया गया। मिलर द्वारा वर्तमान खरीफ वर्ष में कुल 146650 बोरा (58600 क्विंटल) धान का उठाव किया गया है, लेकिन, जाँच समय मिल का भौतिक सत्यापन करने पर 135207 बोरी (54082.8 क्विंटल) धान ही उपलब्ध पाया गया। इस प्रकार राईस मिलर द्वारा समिति से उठाव किये गये 11443 बोरी (4577.2 क्विंटल) धान मिल परिसर में उपलब्ध नहीं पाया गया। मिल संचालक संजीत मित्तल का उपरोक्त कृत्य छत्तीसगढ़ चाँवल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन है। उपरोक्तानुसार अनियमितता पाये जाने पर संबंधित मिलर के विरूद्ध प्रकरण निर्मित किया गया है एवं धान की रिसायकलिंग की आशंका को मद्देनजर रखते हुए राईस मिल अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट को सील कर दिया गया।
समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के परिवहन एवं रख-रखाव में अनियमितता बरतने वाले मिलर्स के विरूद्ध इसी प्रकार जॉच एवं कार्यवाही जारी रहेगी।


