मूकनायक रमेश पोडिया/कुरुक्षेत्र/हरियाणा
16 नवम्बर कुरुक्षेत्र । डॉ. अंबेडकर भवन, सेक्टर-8 में रविवार को समाज के विभिन्न वर्गों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में “संविधान बचाओ, समाज बचाओ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनिल रंगा ने शिरकत की। कार्यक्रम का उद्देश्य संविधान और समाज की रक्षा के लिए एक संगठित और वैचारिक आंदोलन को गति देना था। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि आज समय की मांग है कि समाज जागरूक हो और संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाए।मुख्य वक्ता अनिल रंगा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा को हमने केवल पढ़ा, लेकिन अपनाया नहीं। दूसरी जातियों ने उनके विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की ठानी, परंतु हम जातियों के नेता बनने में व्यस्त रहे। अब समय जाति नहीं, समाज और संविधान के हित में काम करने का है। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार ने लगभग सभी प्रमुख विभागों का निजीकरण कर दिया है, जिससे युवाओं के रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुहिम केवल एक समाज की नहीं बल्कि पूरे देश के समान न्याय और अधिकारों की रक्षा की आवाज है।अनिल रंगा ने कहा कि संविधान बचाओ, समाज बचाओ आंदोलन के तहत हरियाणा के 22 जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी, उसके बाद 90 विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा की जाएगी। इसके उपरांत प्रदेशव्यापी यात्राएँ आयोजित होंगी, जिनमें हर समाज से 200 नए नेता तैयार किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि अब तक जितने भी नेता बने, वे विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के गुलाम बनकर रह गए — समाज की बात किसी ने नहीं की। इस बार समाज अपना नेतृत्व स्वयं तैयार करेगा। 2029 में बीजेपी सत्ता में नहीं रहेगी, तभी संविधान बचेगा।
अनिल रंगा ने समाज से आह्वान किया कि हरियाणा के लोग सक्षम हैं, बस चार साल के लिए एक नेतृत्व पर भरोसा करके देखें। यह किसी एक जाति का नहीं, बल्कि सबकी भागीदारी का आंदोलन है।
उन्होंने बताया कि वे पहले अन्य पार्टियों में मुख्य पदों पर रहे और पार्टियों द्वारा केवल चेहरा इस्तेमाल किए जाने की आलोचना की। हमारे पास बाबा साहब, सर छोटूराम और चंद्रशेखर आजाद, फूले जैसे महापुरुषों की विरासत है, हमें उसी विचारधारा के अनुसार समाज में वैकल्पिक शक्ति तैयार करनी होगी।
उन्होंने कहा कि 2029 के विधानसभा चुनाव में 25 विधायक बनाकर विधानसभा भेजने का काम करेंगे। यदि सभी साथी ईमानदारी से साथ दें तो हमें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। सभा में चौ. चांद राम, चौ. जगन नाथ जी और डॉ. कृपा राम पुनिया जैसे वरिष्ठ नेताओं के योगदान को भी याद किया गया, जिन्होंने राजनीति में रहकर समाज के मुद्दों को न केवल उठाया बल्कि हल भी करवाया।कार्यक्रम में समाजिक एकता, राजनीतिक जागरूकता और संविधान की रक्षा का संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि हरियाणा को अब एक वैकल्पिक राजनीतिक दिशा देने का समय आ गया है और यह आंदोलन उसी दिशा में पहला कदम कहलाएगा।

