Thursday, February 26, 2026
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सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश पर हमले की घटना से देश स्तब्ध, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने की कड़ी निंदा

बालाघाट।देश की सर्वोच्च न्यायपालिका सुप्रीम कोर्ट में आज एक अभूतपूर्व और निंदनीय घटना घटी, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राकेश किशोर द्वारा मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंका गया। यह घटना न केवल न्यायालय की गरिमा पर हमला है बल्कि भारत की संपूर्ण संवैधानिक व्यवस्था पर भी सीधा प्रहार मानी जा रही है।

हमलावर अधिवक्ता राकेश किशोर ने गिरफ्तारी के बाद भी अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं जताया, बल्कि गर्व के साथ कहा — “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

इस कथन और कृत्य ने न केवल न्यायपालिका की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है, बल्कि देश की सामाजिक और राजनीतिक संवेदनशीलता को भी झकझोर कर रख दिया है।

पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक (PPID) ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए इसे “संवैधानिक मूल्यों और न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला” बताया है।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि – “यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक न्याय व्यवस्था पर सीधा आक्रमण है। यदि देश के मुख्य न्यायाधीश सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या भरोसा रह जाएगा?”

पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि दोषी अधिवक्ता पर कोई सख्त कार्रवाई न होना इस बात का संकेत है कि सत्ता में बैठे कुछ लोग उसे संरक्षण दे रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि देश में सनातन धर्म के नाम पर एससी, एसटी और ओबीसी समाज के विरुद्ध बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे असहिष्णु कार्यों पर शीघ्र और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता का न्यायपालिका और शासन व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।

पार्टी ने यह भी मांग की है कि दोषी अधिवक्ता राकेश किशोर को देशद्रोह एवं न्यायालय की अवमानना के आरोपों में तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति न्याय व्यवस्था पर हमला करने का दुस्साहस न करे।

इस घटना ने देश के करोड़ों नागरिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जब सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी हमले से सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है?

पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने एक स्वर में कहा है — “न्याय की गरिमा सर्वोपरि है, और उस पर हमला किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

यह घटना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय बनकर दर्ज हो गई है, जिसने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और राष्ट्र की संवैधानिक आत्मा को गहराई से झकझोर दिया है।
उक्त जानकारी पीपल्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (डेमोक्रेटीक) जिला इकाई बालाघाट ( मप्र) PPI(D) यूथ विंग नेशनल मेंबर ( मप्र राज्य प्रभारी ) रुपेश कुमार नागोते के द्वारा दी गई है।

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