Thursday, February 26, 2026
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ऐतिहासिक सच्चाई है महाबोधि विहार बौद्धों कि धरोहर है- आकाश लामा

मूकनायक/ दिलीप मैश्राम

बिलासपुरधम्म चक्र परिवर्तन दिवस के अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा जिला शाखा बिलासपुर के साथ ही बिलासपुर के समस्त बौद्ध संगठन एवं बिलासपुर की समस्त बुद्ध विहार समितियों के संयुक्त तत्वाधान में डॉ. आम्बेडकर प्रतिमा स्थल जी.डी.सी. कॉलेज बिलासपुर से विशाल शांति मसाल रैली निकाली गई जिसमें महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन से संबंधित दर्शनिय झांकी निकाली गई जिसका मगरपारा चौक में व अग्रसेन चौक, में बौद्ध समाज के लोगो के द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
डॉ. आम्बेडकर स्कूल मगरपारा में रैली पहुंचने के उपरांत अतिथियों के द्वारा डॉ. बाबा साहेब आम्बेडकर जी, तथागत गौतम बुद्ध के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण के साथ दिप प्रज्जवलन कर सामुहिक बुद्ध वंदना के बाद कार्यक्रम की शुरूवात की गई।
मुख्य अतिथि आकाश लामा राष्ट्रीय महासचिव आल इण्डिया बुद्धिष्ट फोरम भारत के द्वारा अपने विचार रखते हुए कहा गया कि लगातार 07 से 08 माह हो गये है बौद्ध गया पटना बिहार में धरना प्रदर्शन कार्यक्रम चल रहा है देश के प्रत्येक बड़े-बड़े शहरों में भी मशाल रैलीयां निकालकर शासन प्रशासन को ज्ञापन देने का कार्यक्रम चल रहा है उन्होने कहा कि सभी धर्मों के पवित्र स्थल संबंधित धर्मों के अधिन है। महाबोधी महाविहार बौद्धों का पवित्र स्थल है जिस कारण से मौजूदा सरकार कानून को बदले एवं पुराने कानून बदल कर बौद्धों का सम्मान किया जावे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व ट्रस्टी चेयरमेन डॉ चंद्र बोधि पाटिल ने कहा चक्रवर्ती राजा सम्राट अशोक के शासन काल से ही सर्वविदित है महाबोधी महाविहार बौद्धों की धरोहर है इतिहास गवाह है भारत को बुद्ध की धरती के नाम से जाना जाता है। ऐतिहासिक सच्चाई को भुलाया नही जा सकता सम्राट अशोक के शासन काल को इतिहास की पुस्तकों में आज भी पढ़ाया जाता है महाबोधी महाविहार का निर्माण कार्य भी उन्होने ही करवाया था। उसी ज्ञान स्थली से बी.टी. एक्ट 1949 को खत्म करना चाहिए एवं बौद्धों की न्यायोचित मांग को सरकार को पूरा करना चाहिए।
भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारियो के द्वारा माननीय अकाश लामा जी एवं माननीय डॉ. चन्द्रबोधी पाटिल को मेमोन्टो देकर उनका स्वागत सत्कार किया गया।
भारतीय बौद्ध महासभा की नव नियुक्त प्रदेश कार्यकारणी के गठन पर बिलासपुर से आयुस्मान महेश चन्द्रिकापुरे को भारतीय बौद्ध महासभा का प्रांतिय सलाहकार एवं प्रफुल्ल गेडाम, प्रातीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आयुस्मान सूर्यकान्त भालाधरे को प्रातीय कार्यकारिणी सदस्य एवं आयुस्मान सारंग राव हुमने जी को राष्ट्रीय कार्यकारणी में जवाबदारी मिलने पर मंच पर उन सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को साल पहनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय द्वारा उनका स्वागत सत्कार किया गया।
भातरीय बौद्ध महासभा बिलासपुर वरिष्ठ उपाध्यक्ष आयुषमान यस.आर.वाल्के व कोषाध्यक्ष संतोष खोब्रागड़े को बेस्ट कार्यकर्ता के रूप में साल पहनाकर उनका भी स्वागत सत्कार किया गया।
कार्यक्रम का संचालन भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष राजेश हुमने एवं आभार प्रदर्शन प्रातीय सलाहकार महेश चन्द्रिकापुरे के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या पर समाज के सदस्य उपस्थित रहे प्रमुख रूप से श्वेता गेडाम, सरोज हुमने, सरिता कामड़े, वंदना चंद्रिकपुरे मिनाक्षी बोमार्डे प्रेरणा उके, सुबोध रंगारी, कमलेश लाहोत्रे, दिलिप मेश्राम, मधुकर वासनिक, अजय नागले, कैलाश गजभिये, राजेश नायक, बसंत ओंडकार, वर्षा मेश्राम, गीता उके, रूमा मेश्राम, सीमा मेश्राम, उजाला चन्द्रिकापुरे, अनुराधा बोरकर, लक्ष्मी वाहने, हेमा रामटेके, सत्यभामा नंदागौरी, अनिता लवहात्रै, प्रतिमा सहारे,संस्कृति रामटेके, सुजाता खोब्रागड़े, अर्चना ठावरे,कल्पना शेंद्र विमल रंगारी ऊषा वाहने चंदा नंदा गोवली अनिता भिमटे, शैली भिमटे, सुजाता वाहने, चेतना तम्हाने, वंदना भांगे, अनामिका पाटिल उज्जला रंगारी सुचिता वाघमारे लक्ष्मी वैद्य ,जितेंद्र भावे विनोद बौद्ध मुकेश साकरे कुणाल रामटेके, देवेन्द्र मोटघरे,अशोक वाहने नारायण हु मने सुखनंदन मेश्राम मनोज बौद्ध, जितेन्द्र खोब्रागड़े, विनोद उके, विमलेश उके, डॉ. मयंक मेश्राम,कपिल डोंगरे अविनाश नागदौने, गौतम मेश्राम आदि।

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