Thursday, February 26, 2026
HomeUncategorizedछात्र सूरज केंवट (सरसेनी) की संदिग्ध हत्या से मौत, उचित जांच नही...

छात्र सूरज केंवट (सरसेनी) की संदिग्ध हत्या से मौत, उचित जांच नही करने के खिलाफ LSU द्वारा पुलिस थाना मस्तूरी में जंगी विरोध सभा-प्रदर्शन

मूकनायक / अजय अनंत
बिलासपुर छत्तीसगढ़

लोक सिरजनहार यूनियन (LSU )के तत्वाधान में दिनांक 25 जुलाई 2025 को लोक सिरजनहार यूनियन (LSU) द्वारा मस्तूरी (केंवट सामुदायिक भवन, बाजार के पास,सभा पश्चात् थाना में जुलूस निकालकर ज्ञापन सौंपने ) जिला- बिलासपुर (छ.ग.) में विरोध सभा –प्रदर्शन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
स्मरण रहे कि, करीब एक माह पूर्व ग्राम सरसेनी (मस्तूरी क्षेत्र बिलासपुर) कक्षा 10 वीं के छात्र सूरज केंवट को गांव के दबंगई करनेवालों ने निर्ममतापूर्वक मारपीट किया और अपराध छिपाने फांसी लगाने का कहानी गढ़ने का षड़यंत्र किया ।
पुलिस भी इस कहानी पर विश्वास कर लिया, जबकि प्रत्यक्ष वस्तुस्थिती इससे अलग है ।
मृतक छात्र पढ़ाई में होशियार तथा स्वाभिमानी था। वह दबंगो से नही दबकर, स्वाभिमानी जीवन जीता रहा। उनके माता- पिता प्रवासी मजदूर बन बाहर प्रांतो में काम करने गये थे । वह अपने दादा के साथ रहकर लगन से पढ़ाई करता था, यह दबंगो को पसंद नही था। दबंगो ने उस गावं एवं आसपास के गावों में झगड़ा-मारपीट करते रहने का आदी हैं, और पैसों की ताकत से अपना बचाव करते रहे हैं।
इस फोटो को देखकर एकबारगी कोई भी कह-जान सकता है कि क्या? इस तरह की कथित फांसी लगाकर कोई मर सकता है? फिर भी पुलिस इस पर हफ्तो बाद भी सुक्ष्म जांच नही कर रहा है। पुलिस की भी भूमिका संदिग्ध है।
कार्यक्रम के मुख्य नेतृत्वकर्ता सुबोध ने मिडिया से चर्चा करते हुए बताया कि, की मंधारी विरूद्ध छत्तीसगढ़ शासन मामले में एवं वीरभानसिंह विरूद्ध उत्तरप्रदेश शासन एवं अन्य ऐसे मामलों में माननीय न्यायालय ने कहा है यदि पैर जमीन को छू रहा था। या फंदे की स्थिति संदिग्ध थी और शरीर पर चोंट के निशान थे तो इसे आत्महत्या नहीं हत्या माना गया।
माननीय न्यायालय यह भी कहा है कि, केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही पर्याप्त नहीं है। घटना स्थल की स्थिति Ligature marks शरीर पर चोटें,फंदे की पोजीशन आदि सबूतों का समग्र विश्लेषण होना चाहिए।
Sr. SAGAYA mary V. State (Lavanya kesh) मद्रास हाईकोर्ट के आदेश 2024 मे भी एक 17 वर्ष की छात्रा की संदिग्ध मौत को आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। माननीय न्यायालय ने CBI जांच आदेश दिया और कहा कि, परिस्थितियां स्पष्ट रूप से संदिग्ध है।
सुबोध ने कहा कि, यह मामला भी कुछ इसी तरह का है और न्याय पाने LSU हर तरह साथ देगा।
पुलिस थाना मस्तूरी में ज्ञापन सौंपने के बाद एक और महती सभा हुई जिसमें आज दिवंगत सुरज केंवट को श्रद्धांजलि दी गई और साथ ही साथ आज 25-07-25 को फुलनदेवी को उपस्थित जन समुदाय द्वारा उनके तस्वीर में फुल अर्पित कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।
सभा-प्रदर्शन को लखन सुबोध (अध्यक्ष LSU) ,एड. दिवेश कुमार (LSU विधिक सलाहाकार) , रामसागर निषाद (प्रदेशाध्यक्ष मूल निवासी आदिवासी संघ छ.ग.), अजय अनंत (LSU सचिव, बिलासपुर) रामनारायण मारावी (ग्राम सरसेनी), चांदनी भारद्वाज (पूर्व अध्यक्ष जनपद पंचायत मस्तूरी), डा. भगवन्ता, शिलोचन निषाद (उत्तरप्रदेश से) धनेष केंवट (बिलासपुर संभागाध्यक्ष-केंवट निषाद समाज, मस्तूरी), संतोष सोल्डे ( गुरुघासीदास सेवादार संघ GSS –मस्तूरी क्षेत्र), नारायण सोल्डे (सरपंच ग्राम सरसेनी), संतोष निषाद (मृतक का पिता), आदि लोगों द्वारा अपना विचार रखा गया। कार्यक्रम संचालन वीरेन्द्र भारद्वाज (LSU महासचिव) द्वारा किया गया।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments