Thursday, February 26, 2026
HomeUncategorizedबोधगया महाबोधि महाविहार मुक्ति तीन दिवसीय क्रमिक धरना प्रदर्शन का प्रथम चरण...

बोधगया महाबोधि महाविहार मुक्ति तीन दिवसीय क्रमिक धरना प्रदर्शन का प्रथम चरण पूर्ण

मूकनायक दिलीप मैश्राम
बिलासपुर छत्तीसगढ़

बी.टी.एम.सी. एक्ट 1949 निरस्त करने,महाबोधि महाविहार को गैर बौद्धों से मुक्त करने,
बोधगया महाबोधि महाविहार का प्रबंध व संचालन बौद्धों को सौंपने
तीन दिवसीय क्रमिक धरना प्रदर्शन आंदोलन का प्रथमचरण डाॅ. आम्बेडकर प्रतिमा स्थल जी.डी.सी. काॅलेज के पास बिलासपुर छ.ग. में सम्पन्न हुआ ।
आल इण्डिया बु़िद्धष्ट फोरम, बिलासपुर छ.ग., भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर छ.ग., बौद्ध समाज बिलासपुर, डाॅ. आम्बेडकर युवा मंच बिलासपुर छ.ग. महिला सशक्तिकरण संघ बिलासपुर छ.ग., के साथ ही भारतीय बौद्ध महासभा महिला विंग बिलासपुर छ.ग., भारतीय बोद्ध महासभा युथ विंग बिलासपुर छ.ग., बौद्ध समाज पंचशील नगर तिफरा बिलासपुर छ.ग., बुद्धयान सोसायटी बिलासपुर छ.ग., डाॅ. आम्बेडकर युवा मंच (जूनियर) बिलासपुर छ.ग., डाॅ. आम्बेडकर नव युवक समिति बिलासपुर छ.ग., सर्व एससी, एसटी, ओ.बी.सी. एण्ड अल्पसंख्यक महासंघ छ.ग. भारतीय बौद्ध महासभा धमनी चकरभठा बिलासपुर छ.ग., नगार्जुन बौद्ध विहार, पंचशील बौद्ध विहार, करूणा बौद्ध विहार, आनंद बौद्ध विहार के संयुक्त तत्वाधान में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम डाॅ. आम्बेडकर प्रतिमा स्थल, जीडीसी काॅलेज के पास, आयोजित किया गया है।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वंदना चन्द्रिकापुरे पार्षद वार्ड क्रं. 23 मदर टेरेसा वार्ड, बिलासपुर एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष बिलासपुर व बौद्ध समाज के संरक्षक महेश चन्द्रिकापुरे द्वारा डाॅ. बाबा साहब आम्बेडकर जी के एवं तथागत भगवान गौतम बुद्ध के तैल्य चित्र पर माल्यांर्पण के साथ ही दीप प्रज्वलन कर, सामुहिक बुद्ध वंदना करते हुए धरना प्रदर्शन की प्रथम दिवस 26.07.2025 की शुरूवात की गयी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महेश चन्द्रिकापुरे द्वारा अपने विचार रखते हुए कहा गया कि महाबोधि मंदीर बौद्धों का सबसे पवित्र बौद्ध तीर्थस्थल है जहां पर भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी लेकिन 1949 में बौधगया टेम्पल मैनेजमेन्ट कमेटी के नाम पर (BTMC, ACT) बना इस एक्ट के कारण यह हमारा बौद्धों का ऐतिहासिक स्थल गैर बौद्धों के नियंत्रण में चला गया। इसी एक्ट के तहत बौद्ध मंदिर की देख रेख में बौद्धों की भूमिका नगण्य रह गयी है। अब ये सिर्फ मंदिर की लड़ाई नहीं है यह हमारे अस्तित्व, इतिहास और आत्म सम्मान की लड़ाई है ये जिला प्रदेश एवं राष्ट्रिय स्तर पर हमारे बौद्ध समाज के आन-बान-शान की लड़ाई है। बौद्ध समाज के सामुहिक प्रयास से इसे हम लेकर ही रहेंगे।

अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार रखे जिसमें प्रमुख रूप से नरेंद्र रामटेके, शोभा ऊके, चेतना तम्हाने , वंदना भांगे , अनिता लाहोत्रे , अनामिका पाटिल, हरिश वाहने , अशोक वाहने , सुखनंदन मेश्राम नीतेश अम्बादे, संघमित्रा वाहने, बसंत ओडकार,शीला बौद्ध भिलाई से राजकुमार रामटेके, आशीष चौहान आदि वक्ताओं ने भी अपने धरना प्रदर्शन, आंदोलन हेतु अपने विचार रखे।
धरना प्रदर्शन में पंचशील बौद्ध विहार, टिकरापारा, नागार्जुन बौद्ध विहार, डाॅ. आम्बेडकर नगर के साथ ही आल इण्डिया बुद्धिष्ट फोरम बिलासपुर छ.ग. के प्रमुख कार्यकर्ता कमलेश लाहोत्रे, एस.आर.वाल्के, दिलीप मेश्राम, सुजाता वाहने, ललीता वाहने चेतना तम्हाने, अनामिका पाटिल, प्रकृति बौद्ध, वंदना भांगे, कान्ता मेश्राम, मीरा वाल्के, सुखनंदन मेश्राम, अशोक वाहने, मगन गेडाम, शंकर मेश्राम, उदय शंकर हुमने, अनिल नंदा गौरी, नरायण राव हुमने, मुरलीधर गोंडाने, बृजमोहन उके, दयाशंकर मेश्राम, चन्द्रकला हुमने, सरोज नागदौने, हर्षिला भावे,द्वारा आज के धरना प्रदर्शन पर संध्या 5.00 बजे तक का अपना समय आंदोलन मे दिए, कार्यक्रम का आभार व्यक्त करते हुए मूक नायक के छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभारी कमलेश लाहौतरे ने कहा कि धरना आंदोलन शांति पूर्ण तरीके से चल रहा है, आज के कार्यक्रम के संपूर्ण जवाबदारी को राजेश हुमने और उनकी टीम के प्रमुख संतोष खोबरागड़े , सूर्यकांत भालाधरे , मधुकर वासनिक की तारीफ की इस कार्यक्रम की जानकारी भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष सूर्यकांत भलाधारे द्वारा दी गईं कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश हुमने, सुजाता वाहने, द्वारा किया गया। धरना स्थल पर आ कर सैकड़ों की संख्या पर समस्त उपासक एवं उपासीकाओं ने धरना आंदोलन का समर्थन किया । राजेश हुमने जिला अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी गई ।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments