21/06/2023 को थाना मड़ावरा के ग्राम बम्होरी में मिले नरकंकाल के संबंध में हत्या करने वाले का हुआ 2 साल बाद खुलासा।पुलिस ने उज्ज्वल लोधी को गिरफ्तार कर भेजा न्यायालय।
मुकनायक (सुरेंद्र कुमार) 21/06/23 को मड़ावरा के बम्होरी कला में एक नरकंकाल मिलता है, जिसकी सही तरह से शिनाख्त ना हो पाने पर प्रशासन फोरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य संकलित करवाती है।और वहीं मृतक कि शिनाख्त के लिए मृतक का dna और मृतक प्रताप के माता पिता का dna मिलान हेतु भेजा जाता है।जिसके बाद मृतक का dna और प्रताप के माता पिता का dna का मिलान पाया जाता है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन सैकड़ों लोगों से और प्रताप के रिश्तेदारों से पूछताछ भी करती है और सभी साक्ष्य एकत्रित भी किए गए।वहीं मृतक प्रताप के पिता के आधार पर 21/06/23 को थाना मड़ावरा में मु०अ०स० 066/2023 धारा 302 और 201 आईपीसी के अंतर्गत केहर,देवेंद्र उज्जबक के ऊपर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जिसके संबंध जिसे 08/02/2025 को उज्ज्वल लोधी पुत्र नत्थू को गिरफ्तार किया गया।*वहीं उज्ज्वल लोधी ने पूछताछ में बड़ा ही खेज खुलासा किया।– उज्वल लोधी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि प्रताप उसके चाचा हरिसिंह का लड़का था और वह शराबी था।प्रताप मेरे यहां मजदूरी करता था और प्रताप कि पत्नि भी मेरे यहां कभी कभी आती जाती रहती थी। प्रताप शराब में मजदूरी के सारे पैसे ख़त्म कर देता था जिससे उसके घर पर लड़ाई होती रहती थी और वह अपनी पत्नि के साथ गाली गलोज के साथ मारपीट भी किया करता था,जिसके बाद आरती उसके घर आती थी और रोती हुई उसे वह मारपीट के बारे में बताती थी, आरती उससे पैसे मांगती थी। ऐसे ही सिलसिला बढ़ता गया और उज्ज्वल और आरती में नजदीकियां बढ़ती गईं जिससे प्रताप जब भी आरती के साथ मारपीट करता उसे बहुत बुरा लगता था।दिनांक 11/06/2023 कि रात प्रताप ने काफी शराब पी रखी थी और वह आरती से झगड़ा कर रहा था। और जब उज्ज्वल प्रताप के घर के सामने से गुजर रहा था तो उसने सुना कि प्रताप आरती को गाली दे रहा है और लड़ाई झगड़ा कर रहा है। और उसके बाद प्रताप घर से निकल गया तो मैने पीछे जाकर देखा कि प्रताप लालसिंह के साथ कलारी पर शराब पी रहा है।कुछ देर बाद में भी कलारी पहुंचा तो वहां देखा कि प्रताप कलारी पर नहीं है तब मैने वहां बैठे हुए लोगों से प्रताप के बारे में जानकारी कि तब पता चला कि वह खेतों कि तरफ चला गया।में भी खेतों कि तरफ गया तो देखा कि प्रताप कुंजी अहिरवार के खेतों के पास खड़ा हुआ था तब में भी वहां पहुंचा और प्रताप से कहा कि तुम अपनी पत्नि से क्यों लड़ते झगड़ते हो तब प्रताप कहने लगा कि तुम कौन होते हो इस प्रकार कि बात करने वाले और मेरी पत्नि के बारे में बोलने वाले और उसने(प्रताप )मुझे धक्का दे दिया और गाली गलोज करने लगा जिसमें हम दोनों में गुत्थम गुत्थी हो गई और मैने ना चाहते हुए भी गुस्सा में प्रताप का गला दवा दिया जिससे प्रताप कि मौत हो गई।प्रताप कि मौत होने से में डर गया जिसके बाद में अपने घर से नमक और बाथरूम साफ करने बाला तेजाब लाया और कुंजी अहिरवार के खेत के पास झाड़ियों में मैने खुदी मिट्टी में नमक और तेजाब डालकर खुदी मिट्टी से ढक दिया।उसके बाद करीब 10 दिन बाद, 21/06/2023 को प्रताप का नरकंकाल मिलने कि सूचना गांव बालों से मुझे मिली तब में भी देखने पहुंचा, मैने तो सोचा कि शव गल गया होगा मगर कुत्तों ने शव के टुकड़ों को खेत में ले आए और में भी चुपचाप लोगों कि तरह देखता रहा।जब प्रताप के पिता ने थाने में केहर, देवेंद्र, उज्जबक के खिलाफ मुकदमा लिखवाया तो मैने समझा कि अब में बच गया।लेकिन आज में पकड़ा गया।

