मूकनायक/ हरियाणा
नारनौल प्रदेश प्रभारी बिरदी चंद गोठवाल
कांवी में सामान्य वर्ग के सभी स्थाई कब्जों को छोड़कर केवल दलित वर्ग के अस्थाई कब्जों को निशाना बनाकर जातिगत दुर्भावना से हटाने का है मामला
नारनौल 09 जनवरी
ग्राम पंचायत, कांवी की सरपंच उर्मिला द्वारा गत बुधवार को पुलिस प्रशासन के साथ गांव में सामान्य वर्ग के सभी स्थाई और अस्थाई कब्जों को छोड़कर केवल दलित वर्ग द्वारा पंचायत भूमि में खाना बनाने के रखे गए ईंधन के अस्थाई कब्जों को जातिगत दुर्भावना से हटाकर अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दिया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि गांव के दलित परिवारों द्वारा सरपंच से प्रार्थना की थी कि उनके पास प्लाट ना होने के कारण मजबूरी में डाली गई छड़ियों/ ईंधन को ना हटाया जाए। यह भी प्रार्थना की गई कि यदि कब्जों को हटाना ही है तो अकेले दलित वर्ग के अस्थाई कब्जों को हटाने में जातिगत भेदभाव ना करके गांव के सामान्य वर्ग के भी सभी अवैध कब्जों को हटा दिया जाएं, परंतु यह दुख का विषय है कि भारत सरकार के सबका साथ, सबका विकास व सबके सम्मान के उद्घोष को धत्ता बताते हुए सरपंच कांवी ने केवल दलितों के अस्थाई कब्जे हटाकर सरेआम जातिगत भेदभाव को उजागर किया है। मौके पर दलित समाज के पीड़ित मुकेश, ममता, कमलेश, गायत्री, ज्योति, बीना, राजकलां, शिलोचना, मैना व रमेश आदि अनेक परिवारों द्वारा इसका विरोध करने के बावजूद सरपंच पति नित्यानंद यादव अपनी जातिगत दुर्भावना से ग्रस्त ओछी मानसिकता से बाज नहीं आया । गांव के सुमेर सिंह यादव आदि ने सरपंच पति नित्यानंद द्वारा दलित परिवारों के हटाए गए अस्थाई कब्जों को जातिगत भेदभाव से ग्रस्त सोची समझी रणनीति बताते हुए कड़ी निन्दा की है। इस जातिगत भेदभाव व ओछी मानसिकता के मामले में सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान, संघर्ष समिति के महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था दिल्ली के प्रमुख सलाहकार बिरदी चंद गोठवाल, अखिल भारतीय आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष लालाराम नाहर, गुरु रविदास महासभा के प्रधान बलबीर सिंह बबेरवाल, हरियाणा प्रदेश चमार महासभा के प्रधान अनिल फाण्डन, भारतीय सामाजिक परिवर्तन संघ के सुमेर सिंह गोठवाल, धानक समाज के पूर्व डीजीएम महेंद्र खन्ना व शिवनारायण मोरवाल, वाल्मीकि समाज के राजेश चांवरिया, खटीक समाज के पतराम खिंची, कोषाध्यक्ष प्यारेलाल चवन, संघर्ष समिति के हजारीलाल खटावला, कोली समाज के प्रधान तोताराम आदि ने कड़ी भर्त्सना करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, मुख्यमंत्री व पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व उपायुक्त से पत्र लिखकर मांग की है कि इस प्रकार गांव में जातिगत दुर्भावना से कार्य करने वाली सरपंच के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर इसे सरपंच पद से बर्खास्त किया जाए और भूमिहीन दलित समाज के परिवारों को माननीय प्रधानमंत्री व हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यथाशीघ्र प्लाट आवंटित किए जाएं।

