Monday, October 19, 2026
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बंदूक छोड़ थामा तिरंगा, हिंसा छोड़ चुनी विकास की राह

नक्सल प्रभावित गांवों में बालाघाट पुलिस की भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रगान के साथ आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली भी बने सहभागी

मूकनायक समाचार | संवाददाता सत्यशील गोंडाने | बालाघाट।

बालाघाट। मध्यप्रदेश शासन द्वारा 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत बालाघाट पुलिस ने जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और शांति का संदेश बुलंद किया। 13 अगस्त को ग्राम बोदालबेहरा, पालागोंदी, हर्राटोला, कुल्पा, माटे, चालीसबोड़ी, हर्रानाला, बिठली, कोड़ापार, मुंडा, चौरिया एवं राशिमेटा सहित अन्य गांवों में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई।

तिरंगा यात्रा में पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट जोन ललित शाक्यवार, पुलिस उपमहानिरीक्षक बालाघाट रेंज विनीत कुमार जैन तथा पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा सहित सीआरपीएफ एवं हॉकफोर्स के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, ग्रामीण एवं वरिष्ठजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।

जिन हाथों में कभी बंदूक थी, उन्हीं हाथों में लहराया तिरंगा

तिरंगा यात्रा का सबसे भावुक और प्रेरणादायक दृश्य उस समय सामने आया, जब आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सली भी राष्ट्रगान के दौरान पूरे सम्मान के साथ शामिल हुए। उन्होंने हाथों में तिरंगा थामकर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

कभी जिन क्षेत्रों में नक्सली हिंसा का प्रभाव रहा, उन्हीं क्षेत्रों में आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों का राष्ट्रगान के दौरान तिरंगे के सम्मान में खड़ा होना सामाजिक बदलाव की सशक्त तस्वीर के रूप में सामने आया। यह दृश्य नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों के पुनर्वास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा को भी दर्शाता है।

हिंसा से शांति और भय से विकास की ओर बढ़ता बालाघाट

आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों की तिरंगा यात्रा में सहभागिता ने यह संदेश दिया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतंत्र, शांति और विकास की राह अपनाने वाला प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है।

जिन इलाकों में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, वहां आज राष्ट्रगान की धुन और तिरंगे की आन-बान-शान दिखाई दे रही है। तिरंगा यात्रा ने बदलते बालाघाट की तस्वीर को सामने रखा—नक्सलवाद से राष्ट्रवाद की ओर, हिंसा से शांति की ओर और भय से विकास की ओर बढ़ते कदम।

बालाघाट पुलिस का संदेश

बालाघाट पुलिस ने इस आयोजन के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, राष्ट्रभक्ति और विकास को मजबूत करने के लिए पुलिस तथा सुरक्षा बल लगातार प्रयासरत हैं। तिरंगा यात्रा में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, सुरक्षा बलों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों की सहभागिता ने राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत किया।

“बंदूक छोड़ थामा तिरंगा, हिंसा छोड़ चुनी विकास की राह”—यह संदेश नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सकारात्मक बदलाव की नई तस्वीर प्रस्तुत करता नजर आया।

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