

मूकनायक/गौतम बालबोंदरे
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत द्वारा छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के होटल टर्निंग पॉइंट में दिनांक 26/09/2025 को संवैधानिक भारत राष्ट्र नवनिर्माण अभियान के अंतर्गत अनेकों संगठनों के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों की एक सभा का आयोजन दलित सेना छत्तीसगढ़ के संयोजक एड बरनालाल करियारे ने किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल ऋषिकर भारती ने की एवं प्रमुख प्रतिनिधि वक्ताओं में छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माता,निर्देशक समाजसेवक डॉ जेठू साहू, ,मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी इंजीनियर रामफल मांडरे,जमायत ए इस्लामिक हिंद के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष जनाब वाहिद सिद्दीकी , एस सी ,एस टी ,ओ बी सी,एड माइनारटीज महासंघ के संयोजक सुरेश कुमार दिवाकर ,छत्तीसगढ़ बीड़ी मजदूर संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद जितेंद्र भावे ,एडवोकेट हरीश कुर्रे,बिलासपुर जिले के पूर्व सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष निर्मल दिवाकर ,सतनामी समाज के स्वामी अभयदास के साथ अनेकों प्रतिनिधि उपस्थित हुए।बैठक के मुख्य एजेंडा में भारत के संविधान की सुरक्षा ,सम्मान एवं पूर्ण अमलबाजी,जरूरतमंद बेरोजगारों को सरकारी रोजगार एवं आम जनता को बुनियादी सुविधाओं की गारंटी,ओ बी सी एवं सभी वर्गों की गिनती कर संख्यानुसार आरक्षण दिलाना EVM बैन कर बैलेट पेपर से चुनाव करवाना,वोटों की चोरी के आरोपी चुनाव आयोग के जिम्मेदारों पर दंडात्मक कार्यवाही करना,आए दिन अनुसूचित जाति जन जाति ,पिछड़े वर्गों ,अल्पसंख्यकों एवं महिलाओं पर होने वाले अन्याय अत्याचारों पर पर रोक लगाकर दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही करने जैसी अनेकों समस्याओं के समाधान हेतु सरकार के समक्ष शांतिपूर्वक आंदोलन करने के निर्णय लिए गए।सरकार द्वारा किसी प्रकार से समाधान ना होने पर आने वाले विधान सभा चुनाव में समविचारी राजनैतिक पार्टियों और निर्दलीयों द्वारा अबकी बार संविधानवादी राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत की सरकार गठन करने के नारे पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।इस बैठक में बिल्हा विधान सभा से सुरेश कुमार दिवाकर को,मस्तूरी से रामफल मांडरे,बेलतरा से एड बार करियारे,बिलासपुर से जितेंद्र भावे को विधान सभा के प्रभारी नियुक्त किया गया।इसके साथ ही वाहिद सिद्दीकी को बिलासपुर जिले का जिला प्रभारी नियुक्त किया गया और सभी 90 विधान सभाओं में जितने वाले संविधानवादी प्रत्याशियों को खड़े करने का निर्णय लिया गया।जो संविधान का नहीं ओ जनता के काम का नहीं के नारे को बुलंद करते हुए छत्तीसगढ़ को गरीबी, बेरोजगारी और जातिभेद से मुक्त आदर्श प्रदेश बनाने का संकल्प लिया गया।

