Thursday, February 26, 2026
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हज यात्रियों के वापस लौटने परउनका इस्तकबाल किया गया

मूकनायक/युसूफ हुसैन
बिलासपुर छत्तीसगढ़

हज से वापसी होने पर हाजी अकबर अली बेटे और बहू अशफाक अली नूर अफसा रेलवे स्टेशन बिलासपुर पर हजीओ का इस्तकबाल किया गया ।

इस्तकबाल करने पार्षद गण पूर्व सभापति छोटे भाई, दुलारे भाई ,रामा बघेल, बबली सरपंच सत्तार भाई, समीर भाई, युसूफ हुसैन ,आरिफ भाई, बिल्लू भाई बाबू भाई ,सन्नू भाई , तमाम दोस्त यार और मोहल्ले की तमाम महिला , पुरुष और रिश्तेदार मौजूद रहे, सभी ने हाजियों का इस्तकबाल किया गया।
गौरतलब है कि
हज एक वार्षिक इस्लामी यात्रा है जो सऊदी अरब के मक्का शहर में होती है। यह हर सक्षम मुसलमान पर जीवन में एक बार फर्ज है। हज, आत्म-शुद्धि और अल्लाह की बंदगी का प्रतीक है। हज के दौरान, दुनिया भर से लाखों मुसलमान एक ही लिबास (एहराम) में, एक ही मकसद के साथ, एक ही स्थान पर इकट्ठा होते हैं।

///हज का महत्व://

इस्लाम का एक स्तंभ:
हज, इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है।

//आत्म-शुद्धि://

हज यात्रा मुसलमानों को अपने पापों से क्षमा मांगने और आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।

///ऐक्य का प्रतीक:///

दुनिया भर से मुसलमान एक ही स्थान पर इकट्ठा होकर एकता और भाईचारे का प्रदर्शन करते हैं।
अल्लाह की बंदगी:

///हज, अल्लाह के प्रति समर्पण और आज्ञाकारिता का प्रतीक है। ///

//पैगंबर इब्राहिम (अब्राहम) की विरासत://

हज यात्रा पैगंबर इब्राहिम (अब्राहम) की शिक्षाओं और बलिदानों को याद करने का एक तरीका है।

//हज यात्रा के दौरान किए जाने वाले मुख्य कार्य:///
एहराम बांधना:
हज शुरू करने से पहले, तीर्थयात्री एक विशेष सफेद पोशाक, एहराम पहनते हैं।

///तवाफ करना://

काबा के चारों ओर सात बार घूमना।
सई करना:
सफा और मारवा पहाड़ियों के बीच सात बार चलना।
अराफात में खड़े होना:
हज के मुख्य दिन, अराफात के मैदान में खड़े होकर अल्लाह से दुआ करना।

///शैतान को कंकड़ मारना://

जमारात में शैतान को कंकड़ मारना, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

//कुर्बानी करना://

एक बकरे या भेड़ की कुर्बानी देना।
सिर मुंडवाना या बाल कटवाना:
पुरुष अपना सिर मुंडवाते हैं और महिलाएं अपने बाल कटवाती हैं।

///मक्का लौटना:///

हज के अंत में, तीर्थयात्री मक्का लौटते हैं और तवाफ करते हैं। जिसे तावफे विदा कहा जता है। फिर हज के आख़री अरकान को अदा करने के लिए तमाम हज यात्री मदीना शरीफ जाते हैं जहाँ मुहम्मद साहब की क़ब्र मुबारक है वहाँ सभी हाजी दर्शन कर अल्लाह से दुआ करते है जो पूरी होती है, इसके बाद सभी हाजी अपने अपने वतन को वापस लौटते है।
हज यात्रा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य:
पहली हज यात्रा:
632 ईस्वी में, पैगंबर मुहम्मद ने मक्का में पहली हज यात्रा की थी।
हज का समय:
हज, इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, ज़ुल-हिज्जा के महीने में होता है।
सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन:
हज दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें हर साल लाखों लोग शामिल होते हैं।

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