

मूकनायक/ दिलीप मेश्राम
बिलासपुर
आल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम के तत्वाधान में महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन BTMC ACT- 1949,को समाप्त करने के साथ ही बौद्धों को महाबोधि महाविहार का सम्पूर्ण प्रबंध सौपने के नि7र्णायक संघर्ष हेतु बिलासपुर में भी धरना-प्रदर्शन, महारैली व आमसभा आयोजित करने की इस महत्वपूर्ण मिटिंग में आये हुए बिलासपुर के प्रत्येक वार्डो से उपासक एवं उपासिकाओं का आभार व्यक्त करते हुए, आंदोलन के कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु एक आवश्यक बैठक नागार्जुन बौद्ध विहार के पास डॉक्टर आंबेडकर सामाजिक भवन मगरपारा बिलासपुर में रविवार दिनांक 13 जुलाई 25 दोपहर 3बजे सम्पन्न की गई जिसमे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर, एवं सभी बिन्दुओं पर अपने विचार रखते हुए राजेश हुमने जिला अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर द्वारा सम्पूर्ण जानकारी दी।
बताया गया कि 12 फरवरी से आकाश लामा ,आल इण्डिया बुद्धिष्ट फोरम के राष्ट्रीय महासचिव एवं महाबोधि महाविहार आंदोलन के नेतृत्वकर्ता, प्रणेता एवं पुरे भारत वर्ष से बौद्धगया बिहार में आंदोलन में शामिल होने आए सभी भंते जी की उपस्थिति में आज दिनांक तक का आंदोलन चल रहा है। बौद्धगया जिला प्रशासन के द्वारा लगातार आंदोलन को समाप्त करने के लिए हर तरह के तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।विगत माह रात्रि में 12.00 बजे सभी उपस्थित समस्त भंते का स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर जबरदस्ती एम्बूलेंस बुलवा कर हाॅस्पिटल ले जाया गया, आंदोलन को समाप्त करने के लिए दबाव बनाया गया। जिसमें कई महिला भंते भी शामिल थी । आकाश लामा को एवं सभी भंते को मानसिक रूप से शारीरिक रूप से प्रताड़ित एवं परेशान किया गया। जिससे आंदोलन को समाप्त किया जा सके। । इस कारण हमारा भी बौद्धगया महाबोधि विहार मुक्ति का आंदोलन भी एक-दो दिनों के लिए प्रभावित हुआ। जिस मैदान पर आंदोलन चल रहा था उसके जमीन मालिक के द्वारा बार-बार मैदान खाली कराने हेतु नोटिस भेजा गया जिसके कारण दुसरी जगह आंदोलन को शिफ्ट किया गया। जो कि आज दिनांक तक का आंदोलन अनवरत चल रहा हैं।आकाश लामा और उनकी टीम को देश के प्रत्येक राज्यों में एवं जिलों में बड़ी-बड़ी जन सभाओं में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा रहा है। जिसमें अभी तक जो भारत वर्ष में जन सभाएं हुई उसमें प्रमुख रूप से भोपाल, नागपुर, मुंबई, रायपुर, औरंगाबाद, भंडारा, हैदराबाद, यवतमाल, संकीसा (उ.प्र.), आगरा, झांसी, ग्वालियर, जयपुर आदि देश के प्रमुख शहरों में राष्ट्रव्यापि बौद्ध जागरूकता जन सभाओं के माध्यम से कार्यक्रम का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। विश्व के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र अमेरीका के सांसद भवन के पास बुद्धिष्ट विचारधारा वाले प्रमुख देशों में कनाडा, ब्रिटेन, थाईलैंड के द्वारा बौद्धगया महाबोधि महाविहार, मुक्ति आंदोलन BTMC एक्ट-1949 को रद्द करने के समर्थन में भी आंदोलन किया जा चुका है।आंदोलन के कार्यक्रम पर अनुमानि बजट व अनुमानित खर्च के बारे में भी समस्त उपासक एवं उपसिकाओं को जानकारी दी गयी। मिटिंग में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं बौद्ध समाज बिलासपुर के संरक्षक एवं भारतीय बौद्ध महासभा के प्रातीय संयोजक महेश चन्द्रीकापुरे एवं सारंग राव हुमने अध्यक्ष बौद्ध समाज बिलासपुर एवं राष्ट्रीय सदस्य भारतीय बौद्ध महासभा संयुक्त रूप से कहा कि मिटिंग में अत्याधिक उपस्थिति को देख कर कहा कि लोगो आंदोलन के प्रति बहुत ही अधिक उत्साह का माहौल है विरासत को बचाने की लड़ाई, बोधगया महाबोधी विहार को बचाने की लड़ाई, इतिहास, धरोहर व संस्कृति को बचाने की लड़ाई में बिलासपुर के सभी लोग आंदोलन के तारीख का इंतेजार में है इससे ये साफ जाहिर होता है कि हमारे तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम है जिसमें आप सभी लोगो से उम्मीद है कीआप लोगों का सहयोग काफी अच्छा रहेगा ।धरना प्रदर्शन एवं महारैली का बिलासपुर में आयोजन किया जाएगा। बिलासपुर के विभिन्न वार्डो से आए हुए उपासक एवं उपासिकाओं की उपस्थिति में निम्नलिखित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गया। दिनांक 26 जुलाई से 28 जुलाई तक 03 दिनों का धरना प्रदर्शन किया जाएगा। सोमवार 28 जुलाई को दोपहर 02.00 बजे महारैली निकाल कर जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक का संचालन सुजाता वाहने द्वारा एवं अभार प्रफुल्ल गेडाम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति के रूप में महेश चन्द्रिकापुरे, सारंग राव हुमने, राजेश हुमने, श्वेता गेडाम, सरोज हुमने, चेतना तम्हाने,सुजाता वाहने,सरिता कामड़े कल्पना शेंडे, कैलाश गजभिये,संतोष खोब्रगड़े, एस.आर.वाल्के, सूर्यकान्त भलाधरे, विरेन्द्र नागवंशी, नारायण राव हुमने, अशोक वाहने, सुखनंदन मेश्राम, सोनल वैध्य, अजय नागले, तरूणा नागले, उषा वाहने, राजेश नायक,राजेश रामटेके, विनोद उके, दिलीप मेश्राम, लक्ष्मी वाहने, सत्यभामा नन्दागौरी संस्कृति, रामटेके,मीरा वाल्के, प्रकृति बौद्ध, अनामीका पाटिल, अनुराधा बोरकर, हेमा रामटेके, उजाला चन्द्रिकापुरे, गीता उके, रूपा मेश्राम, सीमा मेश्राम, ललिता वाहने, मीरा वाल्के, राजेश रामटेके सरकंडा, दिलीप मेश्राम, सुचिता वाघमारे, अरविंद वाघमारे सरिता चंदन खेड़े, सुरेन्द्र चंदन खेड़े, वर्षा मेश्राम, संघ मित्रा मेश्राम, सावित्री मेश्राम अंजना बोरकर बिंदु भीमटे, अनीता,भीमटे ,चिंतामणि भीमते, शैली भीमटे ,शिल्पी भीमटे ,लता मेश्राम, पूर्णिमा गोंडाने, सीमा मेश्राम, स्वाति मेश्राम,नीता हुमने, सुजाता भीमटे, आशा रोड़गे, दीपिका बोरकर, अनीता नागदौने, सुजाता खोबरागड़े ,रूपा मेश्राम ,गीता ऊके, अरूणा जनबंधु, बसन्त बौद्ध, सुनीता बौद्ध, विनय नायक, प्रफुल्ल नायक, उषा वाहने, विमल, रंगारी, चन्दानंदा गौली, सपना गजभिये, सोनल वैध्य सोनी बनसोड़, लीला बाई रामटेके, रीता वासनिक, गोपाल पात्रे, रमेश गोंडाने, मनीष पटेल, अर्चना ठावरे, मंदानंदा गौली, किरण महाजन दुर्गेश महाजन, शीतल रामटेके, आदि की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न किया।

