बालाघाट में 112 पंजीयन केंद्र तैयार, समिति केंद्रों के साथ CSC, कियोस्क और MP ऑनलाइन से भी मिलेगी सुविधा
मूकनायक समाचार —/ सत्यशील गोंडाने / बालाघाट (मध्यप्रदेश)
बालाघाट, 04 अक्टूबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर अपनी धान, ज्वार एवं बाजरा की उपज बेचने की तैयारी कर रहे जिले के किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया जारी है और इसकी अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते अपना पंजीयन पूरा करा लें।
समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पंजीयन को महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विभाग द्वारा किसानों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को पंजीयन के लिए दूर नहीं जाना पड़े।
जिले में बनाए गए 112 पंजीयन केंद्र
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बालाघाट जिले में समिति स्तर पर कुल 112 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसान समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए अपना पंजीयन करा सकेंगे।
तहसीलवार व्यवस्था के तहत बालाघाट में 7, किरनापुर में 14, लांजी में 17, वारासिवनी में 19, खैरलांजी में 14, कटंगी में 12, लालबर्रा में 15, बैहर में 2, बिरसा में 7 तथा परसवाड़ा में 5 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।
इस व्यवस्था से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों को स्थानीय स्तर पर पंजीयन की सुविधा मिल सकेगी। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए समिति स्तर पर बनाए गए केंद्र महत्वपूर्ण साबित होंगे।
ऑनलाइन माध्यम से भी किसान करा सकेंगे पंजीयन
किसानों को पंजीयन कराने के लिए केवल समिति स्तर के केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। विभाग ने ऑनलाइन और डिजिटल माध्यमों से भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई है। किसान अधिकृत CSC सेंटर, कियोस्क, MP ऑनलाइन एवं साइबर कैफे के माध्यम से भी अपना पंजीयन करा सकते हैं।
इन माध्यमों से पंजीयन कराने के लिए निर्धारित 50 रुपये पंजीयन शुल्क का भुगतान करना होगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पंजीयन कराते समय अपनी जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक उपलब्ध कराएं। किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर आगे उपार्जन प्रक्रिया के दौरान परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
अंतिम तारीख का इंतजार करना पड़ सकता है भारी
पंजीयन की अंतिम तारीख अब नजदीक है। 10 अक्टूबर 2026 के बाद पंजीयन की स्थिति क्या होगी, इसे लेकर किसान अंतिम समय तक इंतजार न करें। अंतिम दिनों में पंजीयन केंद्रों, CSC सेंटरों और अन्य डिजिटल केंद्रों पर किसानों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में किसानों के लिए बेहतर होगा कि वे जल्द से जल्द पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर लें।
धान उत्पादन के मामले में बालाघाट जिला महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र माना जाता है। खरीफ सीजन में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। इसके अलावा ज्वार एवं बाजरा उत्पादक किसान भी समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का उपार्जन कराने के लिए पंजीयन करा सकते हैं। समर्थन मूल्य व्यवस्था किसानों को उनकी उपज के लिए निर्धारित सरकारी मूल्य पर बिक्री का अवसर उपलब्ध कराती है।
कृषि विभाग ने किसानों से की अपील
उप संचालक कृषि फूलसिंह मालवीय ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे 10 अक्टूबर 2026 तक समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करा लें।
उन्होंने किसानों से समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा है कि पंजीयन प्रक्रिया को अंतिम दिनों तक लंबित न रखें। किसान अपने नजदीकी पंजीयन केंद्र अथवा अधिकृत डिजिटल माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं।
112 केंद्रों से किसानों को मिलेगी राहत
जिले में 112 पंजीयन केंद्रों की स्थापना से किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद है। तहसीलवार केंद्रों की संख्या निर्धारित किए जाने से संबंधित क्षेत्र के किसानों को पंजीयन कराने में सहूलियत होगी। वहीं CSC, कियोस्क, MP ऑनलाइन और साइबर कैफे की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों के पास पंजीयन के लिए कई विकल्प मौजूद हैं।
कृषि विभाग का पूरा जोर इस बात पर है कि पात्र किसान निर्धारित समय सीमा में पंजीयन करा लें और समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया से वंचित न रहें। किसानों के लिए अब सबसे जरूरी है कि वे 10 अक्टूबर की अंतिम तारीख को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द पंजीयन पूरा करें।….

