Sunday, March 15, 2026
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एमपी पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के लिए कनकी पंचायत बनी सहारा, पंचायत भवन में निःशुल्क ठहरने और सुविधाओं की व्यवस्था

मूकनायक/ सत्यशील गोंडाने
बालाघाट

बालाघाट। सरकारी भर्तियों में दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को अक्सर रहने और मूलभूत सुविधाओं की परेशानी झेलनी पड़ती है, लेकिन बालाघाट जिले की जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत कनकी ने सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एमपी पुलिस भर्ती में शामिल होने आए युवाओं के लिए सराहनीय पहल की है। पंचायत प्रशासन ने अभ्यर्थियों के लिए पंचायत भवन में निःशुल्क ठहरने, सोने, स्वच्छ पेयजल, स्नान सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कर दी है, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

23 फरवरी से 14 मार्च तक भर्ती प्रक्रिया जारी
मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती के अंतर्गत शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन बालाघाट स्थित 36वीं बटालियन ग्राउंड कनकी में किया जा रहा है। यह प्रक्रिया 23 फरवरी से शुरू होकर 14 मार्च तक चलेगी, जिसमें लगभग 7500 अभ्यर्थियों के चयन की संभावना जताई जा रही है। फिजिकल टेस्ट में 800 मीटर दौड़, 28.5 फीट गोला फेंक और 18.5 मीटर लंबी कूद जैसी परीक्षाएँ शामिल हैं, जिनके लिए अभ्यर्थियों का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है।

पंचायत भवन बना अस्थायी आश्रय स्थल
दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को होटल और धर्मशालाओं के खर्च से राहत दिलाने के उद्देश्य से पंचायत भवन को अस्थायी आश्रय स्थल के रूप में तैयार किया गया है। यहाँ बिस्तर, स्वच्छ पेयजल, स्नान की व्यवस्था, बिजली-पंखे सहित अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुँच रहे अभ्यर्थी
इस व्यवस्था का लाभ लेने के लिए छतरपुर, टीकमगढ़, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, इंदौर, दतिया और सागर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से युवा कनकी पहुँच रहे हैं। पंचायत के अनुसार प्रतिदिन लगभग 50 से 60 अभ्यर्थी पंचायत भवन में ठहर रहे हैं।

पहल की हो रही सराहना
अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने पंचायत की इस व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए बड़ी राहत बताया है। ग्राम पंचायत कनकी की यह पहल केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति के “अतिथि देवो भव” की भावना को भी साकार कर रही है। पंचायत द्वारा दी जा रही इस निःशुल्क सुविधा से अभ्यर्थियों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही उन्हें शांत और सुरक्षित वातावरण भी मिल रहा है, जिससे वे पूरी एकाग्रता के साथ अपनी परीक्षा की तैयारी कर पा रहे हैं।

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