Thursday, February 26, 2026
HomeUncategorizedभिलाई में “याद-ए-लता स्वरांजली” का भव्य आयोजन, कलाकारों ने बांधा समां

भिलाई में “याद-ए-लता स्वरांजली” का भव्य आयोजन, कलाकारों ने बांधा समां

भिलाई में “याद-ए-लता स्वरांजली” का भव्य आयोजन, कलाकारों ने बांधा समां
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी

भिलाई छत्तीसगढ़

भिलाई इस्पात संयंत्र एस.सी./एस.टी. एम्प्लाइज एसोसिएशन (पं. क्र.-6976) एवं रूप रागिनी म्यूजिक एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर भिलाई में भारत रत्न, स्वर कोकिला लता मंगेशकर की स्मृति में “याद-ए-लता स्वरांजली” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लता युगल किशोर उर्वशा (ज्वाइंट कलेक्टर, जिला राजनांदगांव) ने लता मंगेशकर एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर ओए अध्यक्ष एवं सेफ्टी चेयरमैन नरेन्द्र कुमार बछोर, भिलाई महिला समाज की पदाधिकारीगण तथा कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष कोमल प्रसाद ने की।
पुष्पांजलि अर्पण के पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया तथा छत्तीसगढ़ राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” की सामूहिक प्रस्तुति से कार्यक्रम का आगाज हुआ। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षाधानी भिलाई में इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों और युवाओं में संगीत के प्रति रुचि जगाने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का सराहनीय प्रयास हैं।
एसोसिएशन के महासचिव विजय कुमार रात्रे ने स्वागत भाषण में महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए भारतीय संविधान के जनक भीमराव रामजी आंबेडकर के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की उन्नति से आंकी जाती है। उन्होंने हाल ही में आयोजित भिलाई स्टील हाफ मैराथन का उल्लेख करते हुए कहा कि भिलाई केवल इस्पात उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।
स्वरांजली कार्यक्रम में रूपाली साखरे, मधुबाला, वीणा, प्रियंका, सजीव, अनिल, श्वेताक, अवतार, परवीन, सुनीता, धनंजय मेश्राम, सजय एवं पडवार सहित अनेक कलाकारों ने लता जी के अमर गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा सभागार भावविभोर हो उठा। वाद्य संगत में अमित पॉल, नाथ खांडेकर, अल्फ्रेड लुइस, सोनू राज, रोशन रामटेके एवं रबीन्द्र कर्मकार ने अपनी मधुर धुनों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एसोसिएशन के पदाधिकारियों, तथागत म्यूजिक ग्रुप के कलाकारों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों का विशेष योगदान रहा। अंत में एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्य धनंजय मेश्राम ने उपस्थित जनसमूह, अतिथियों, कलाकारों एवं भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
भव्य उपस्थिति और सुरमयी प्रस्तुतियों के बीच संपन्न “याद-ए-लता” स्वरांजली कार्यक्रम ने आयोजकों के उत्साह को नई ऊर्जा प्रदान की और शहरवासियों के दिलों में संगीत की मधुर स्मृतियां संजो दीं।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments