
मूकनायक/कमलेश लव्हात्रे
छत्तीसगढ़ प्रभारी
उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान (IASE) बिलासपुर में सुंदरम निकेतन द्वारा वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख प्राचार्य एवं निर्णायक सुनील चिपड़े, अरुण भांगे तथा वादक कलाकार ओम परमानंद वैष्णव, राजेश्वर प्रसाद वस्त्रकार, कृष्णानंद चौबे एवं सांस्कृतिक प्रभारी डॉ अजीता मिश्रा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सुंदरम निकेतन के सभी सदस्यगण एवं लाइट डेकोरेशन व साउंड सिस्टम के प्रभारी डॉ दुष्यंत चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट व्यवस्था की गई। प्रशिक्षनार्थियों द्वारा भारतीय संस्कृति एवं लोक संस्कृति की अत्यंत सुंदर प्रस्तुतियाँ दी गईं। भारतीय संस्कृति से लेकर आधुनिकता के समावेश के साथ सुंदर साज-सज्जा में लोकगीत, लोकनृत्य, नाटक आदि के माध्यम से संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया।
छठ पूजा, श्रवण कुमार, भरथरी गायन, महिषासुर मर्दिनी गीत द्वारा अवतार से लेकर पंथी नृत्य, छत्तीसगढ़ी नृत्य एवं बस्तरिया नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों एवं निर्णायकों का मन मोह लिया। मोबाइल फोन के सदुपयोग पर आधारित नाटक के माध्यम से समाज को जागरूक करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति “हो जाओ तैयार साथियों” सुंदरम समूह द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें उत्साह और ऊर्जा का प्रेरक संदेश दिया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण तथा बीएड और एमएड के सभी प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम सभी मेंटर्स के सफल मार्गदर्शन में क्रमशः डॉ संजय आयदे, प्रीति तिवारी, डॉ राजेंद्र तिवारी, राजकुमारी महेंद्रा, डॉ सलीम जावेद और रश्मि पांडेय द्वारा संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत दुर्गा स्तुति “आई गिरी नंदनी” से हुई, जिसमें बीएड प्रशिक्षार्थी तरुण चंद्रा, रूपेश चंद्रा, अभिषेक चंद्रा एवं साथी हिमाद्रि श्रीवास्तव, प्रियंका पटेल, हिमानी दुबे, संजूलता गिरी, सिद्धि कसेर तथा शिवलाल ने महिषासुर की भूमिका निभाई।
तत्पश्चात लोकनृत्य कर्मा महिला समूह में संध्या भगत एवं साथी, अष्टावक्र समूह नाटक में पीलेश्वर लहरे, पृथ्वी एवं साथी, छठ पूजा में अंजना चाकी, हिमाद्रि श्रीवास्तव, हिमानी दुबे, संजूलता गिरी, सिद्धि कसेर, प्रियंका पटेल एवं साथी, राजस्थानी लोकनृत्य में विष्णु पटेल एवं साथी, विविध कार्यक्रम में अनिता तिर्की द्वारा “हो गाड़ी वाला रे” की प्रस्तुति दी गई।
नुक्कड़ नाटक में पीलेश्वर लहरे एवं साथी, विविध कार्यक्रम में श्रवण कुमार–भरथरी विष्णु पटेल एवं साथी, झूमर बंगाली में संजूलता गिरी एवं साथी, पंथी नृत्य में भावेश, पीलेश्वर लहरे एवं साथी, बारहरूपम में अल्पना मीत तिग्गा एवं साथी, छत्तीसगढ़ी फ्यूजन में पीलेश्वर लहरे, सूरज एवं साथी तथा अंत में सुंदरम निकेतन समूह के सभी प्रतिभागियों ने एक साथ “हो जाओ तैयार साथियों, हो जाओ तैयार” निकेतन गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
कार्यक्रम को प्रारंभ से अंत तक गति प्रदान करने में सुंदरम निकेतन की अध्यक्षा अंजना चाकी एवं उपाध्यक्ष अमल साय नाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही मंच संचालन कर रहे प्रेमदत्त कौशिक, जितेंद्र सोनी एवं प्रियंका सिंह का भी विशेष योगदान रहा। मंच की साज-सज्जा में एमएड प्रशिक्षार्थी प्रज्ञा शर्मा एवं बी पद्मा रोहिणी ने अपनी-अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रोजेक्टर एवं व्यवस्थापक की भूमिका में उत्तम साहू एवं अनिमेष वैष्णव भी शामिल रहे।

