

मूकनायक/ मध्य प्रदेश
बालाघाट
दमोह (बालाघाट) । स्थानीय प्रज्ञादीप बुद्ध विहार में नववर्ष के अवसर पर भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की आदम्यकद प्रतिमा के समक्ष ‘भीमा कोरेगांव शौर्य विजय दिवस’ का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर और डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर को मानवंदन सलामी देकर किया गया। इस दौरान भीमा कोरेगांव के शूरवीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1 जनवरी 1818 को आत्मसम्मान की लड़ाई में मात्र 500 महार सैनिकों ने 28,000 की विशाल सेना को परास्त कर अमानवीय प्रथाओं के विरुद्ध विजय हासिल की थी। इसी स्मृति में बाबा साहेब स्वयं हर वर्ष शौर्य स्तंभ पर सलामी देने जाते थे। उपस्थित समाज के लोगो द्वारा डॉ. आंबेडकर मंडल दमोह की वर्तमान समिति को भंग करने की घोषणा की गई। समिति के पुनर्गठन के लिए आगामी 12 जनवरी, सोमवार दोपहर 1:00 बजे का समय निर्धारित किया गया है। मंडल ने स्थानीय समाज के अधिक से अधिक लोगों से इस प्रक्रिया में उपस्थित होने की अपील की है।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत दमोह के पंच कन्हैयालाल मेश्राम, पूर्व पंच संजय भेलावे, पूर्व पंच ममता भौतेकर, जिला बौद्ध संघ महासचिव एस. आर. उके, सुमरनलाल खोबरागड़े, पाण्डूलाल रामटेके, हरिशंकर भेलावे, शंकरलाल भौतेकर सहित अनेक उपासक-उपासिकाएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान समाज के लिए अंतिम समय तक रचनात्मक कार्य करने वाले स्मृतिशेष बी.डी. खाण्डेकर की जयंती पर उनके कार्यों को याद कर समाज की ओर से उनका पुण्य स्मरण किया गया।

