मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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गणित के अध्ययन में जिस प्रकार फार्मूले के अनुसार उत्तर निकलता है, वैसे ही जीवन में हर काम का अपना नियम और संतुलन है । यदि गणित का फार्मूला गलत हो तो उत्तर भी गलत आएगा, ठीक इसी तरह जीवन में भी छोटी छोटी बातों का ध्यान ना रखने पर परिणाम गलत निकलते हैं । हर व्यक्ति खुशी और आनंद चाहता है, अधिकांश लोग इसके लिए संघर्ष भी करते रहते हैं । इसलिए यह समझना जरूरी है कि जीवन का गणित कहां गड़बड़ हो रहा है, जिसमें परिणाम बेहतर नहीं आ रहे। गणित कारोबार के साथ-साथ दैनिक जीवन के हर पहलू में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तार्किक सोच, वित्तीय साक्षरता और समस्या समाधान कौशल विकसित करता है । यह हमें बजट बनाने, खाना पकाने, खरीदारी करने, घर के काम करने और अपने वित्त का प्रबंधन करने में मदद करता है । गणित सिर्फ़ गणित की कक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों को आकार देता है और दुनिया को समझने में हमारी मदद करता है, जिससे व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता मिलती है ।
आज के भौतिक युग में पैसा और तकनीक का बढ़ता प्रभाव भी जीवन का गणित बिगाड़ रहा है । सुबह उठकर रात सोने तक केवल अधिक कमाई की चाहत, मोबाइल और स्मार्टफोन पर निर्भरता ने रिश्तों को कमजोर कर दिया है । घर में लोग एक साथ होते हुए भी मोबाइल में उलझे रहते हैं । संवाद और हंसी ठहाके कम हो गए हैं, जबकि सकारात्मक बदलाव के लिए परिवार के छोटे बच्चों के साथ मिलकर खेलना, हंसना और बोलना चाहिए ।पिकनिक और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव, आनंद और खुशियां बढ़ाता है । सुबह का उगता सूरज, शाम का ढ़लता सूरज, पूर्णिमा का चांद और तारे जीवन में ताजगी व ऊर्जा लाते हैं । इसके अलावा परिवार में आपसी संवाद, सकारात्मक चर्चा और अनुभव साझा करना जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है । जीवन का गणित तभी सही रहेगा, जब परिवार में समय रहते संतुलन और सुसंस्कार बना लिए जाएं ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

