


कोरबा/बालको। भारत एल्यूमीनियम कंपनी (बालको) वेदांता प्रबंधन की कथित श्रमिक एवं मानवता विरोधी नीतियों के विरोध में परसाभांठा, बालको में ‘खटिया खड़ी आंदोलन’ का आयोजन किया गया। यह आंदोलन जनता कांग्रेस जोगी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अमित जोगी के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय अप्रेंटिस श्रमिक संघ सहित विभिन्न संगठनों का समर्थन रहा।
आयोजित सभा में मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती, एटक के श्रमिक नेता एम.एल. रजक, राष्ट्रीय अप्रेंटिस श्रमिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील निर्मलकार, जनता कांग्रेस जोगी के प्रदेश महासचिव नीलेश चौहान, कोरबा के युवा नेता हुसैन, मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव सुनील सुना, जिला संयोजक क्रांति कुमार साव तथा छत्तीसगढ़िया पार्टी की केंद्रीय अध्यक्ष कुमालता साहू सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।

सभा में वक्ताओं ने बालको वेदांता प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए स्थानीय बेरोजगारों को 80 प्रतिशत रोजगार, भर्ती में सर्वसमाज की भागीदारी, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी नौकरी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा बाबा साहब अंबेडकर भवन से अंबेडकर का नाम हटाने के मुद्दे को लेकर नाराजगी व्यक्त की।
आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा और कुछ समय के लिए आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी स्थिति भी बनी। इसके बाद प्रशासन, प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच बालको रेस्ट हाउस में त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रबंधन की ओर से आंदोलनकारियों की मांगों पर चर्चा करते हुए दो दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का आश्वासन दिया गया।
सभा को संबोधित करते हुए अमित जोगी ने कहा कि इतनी बड़ी पुलिस फोर्स की मौजूदगी से ऐसा लग रहा है मानो यहां कोई बड़ा युद्ध होने जा रहा हो, जबकि यह आंदोलन केवल श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों के तहत लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से सभा, आंदोलन और अपनी बात रखने की आजादी है।



उन्होंने बालको प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए जारी किए गए नोटिस की कड़ी आलोचना करते हुए उसे मंच से फाड़ते हुए विरोध जताया। अमित जोगी ने कहा कि उनके पिता स्व. अजीत जोगी ने भी श्रमिकों के अधिकारों के लिए ‘खटिया खड़ी आंदोलन’ चलाया था और उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वे भी श्रमिकों के साथ खड़े रहेंगे।
वहीं मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह सत्य, अहिंसा और संविधान के मार्ग पर चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई में अंततः जीत जनता की ही होगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। आंदोलन के दौरान अमित जोगी ने मार्ग में स्व. मिनी माता और बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पहार अर्पित की गई तथा बालको द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया।

