मूकनायक/ रिपोर्टर इंद्रसेन गौतम बस्ती/उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद अंतर्गत सल्टौआ ब्लॉक के भिरिया बाजार स्थित जय अंबे एचपी ग्रामीण वितरण केंद्र पर इन दिनों गैस की भारी किल्लत के चलते हड़कंप मचा हुआ है।
सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर ग्रामीणों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश लोगों को खाली सिलेंडर के साथ वापस लौटना पड़ रहा है।
एक तरफ भारत सरकार और प्रदेश की योगी सरकार ‘उज्ज्वला योजना’ के जरिए महिलाओं को चूल्हे के धुएं से आजादी दिलाकर गैस पर खाना पकाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है।
भिरिया बाजार में हालात इतने खराब हैं कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
गैस की कमी ने ग्रामीणों के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लाइन में खड़े आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है:
1.बुकिंग के बाद भी इंतजार: कई उपभोक्ताओं ने बताया कि हफ्ते भर पहले बुकिंग करने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल रही।
2 .दूरी की मार: दूर-दराज के गांवों से ग्रामीण अपना काम-काज छोड़कर एजेंसी पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी दिहाड़ी का भी नुकसान हो रहा है।
3 .चूल्हे पर लौटने की मजबूरी: गैस न मिलने के कारण कई घरों में फिर से लकड़ी और उपलों पर खाना बनाने की नौबत आ गई है।
“सरकार कहती है गैस अपनाओ, लेकिन जब गैस लेने आओ तो घंटों लाइन में लगना पड़ता है और अंत में पता चलता है कि स्टॉक खत्म हो गया।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हड़कंप को देखते हुए अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें प्रदेश की योगी सरकार और जिला प्रशासन पर टिकी हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और वितरण व्यवस्था में आ रही खामियों को तुरंत दूर किया जाए।
अब देखना यह होगा कि विभाग इस किल्लत को दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

