CVC की राष्ट्रीय कार्यशाला में SECL की ‘डिजीकोल’ पहल को मिली सराहना, पारदर्शी सुशासन का बना मॉडल
मूकनायक
छत्तीसगढ़
नई दिल्ली/बिलासपुर,
सार्वजनिक उपक्रमों में डिजिटल पारदर्शिता और जवाबदेही के क्षेत्र में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला “डिजिटल इनिशिएटिव्स फॉर इंक्रीजिंग ट्रांसपेरेंसी इन गवर्नेंस” में SECL की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहल ‘डिजीकोल (DigiCOAL)’ को सुशासन के प्रभावी मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
देशभर के सार्वजनिक उपक्रमों, मंत्रालयों और सरकारी संगठनों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यशाला में SECL की ओर से मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) हिमांशु जैन ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डिजीकोल के माध्यम से खनन कार्यों में डिजिटल निगरानी, रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और तकनीक आधारित निर्णय प्रणाली को लागू कर संचालन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की गई है।
प्रस्तुति में बताया गया कि HEMM फ्लीट मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए शॉवेल, डंपर और डोजर जैसे भारी खनन उपकरणों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा रही है। सेंसर आधारित तकनीक से उपकरणों की लोकेशन, ऑपरेटिंग ऑवर्स और ईंधन खपत की निगरानी होती है, जिससे ईंधन की अनियमितता, अनावश्यक निष्क्रिय समय (Idle Time) और निर्धारित मार्ग से विचलन की स्वतः पहचान संभव हुई है। इससे न केवल लागत नियंत्रण में मदद मिली है, बल्कि पारदर्शिता भी मजबूत हुई है।
वीडियो एनालिटिक्स एवं कनेक्टेड वर्कर सिस्टम के माध्यम से सुरक्षा प्रबंधन और परिचालन नियंत्रण को सुदृढ़ किया गया है, जिससे आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाई है। ड्रोन आधारित सर्वेक्षण से अतिक्रमण की पहचान, हॉल रोड एवं ढलानों की निगरानी तथा मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है। डेटा-ड्रिवन माइन प्लानिंग और अनुकूलित ड्रिलिंग-ब्लास्टिंग प्रणाली ने उत्पादन प्रक्रिया को अधिक सटीक और परिणामोन्मुख बनाया है।
इसके अतिरिक्त डिजिटल भूमि अभिलेख, ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म, स्पेयर प्रबंधन प्रणाली और डिजिटल वॉर रूम जैसी पहलों ने एक एकीकृत, सुरक्षित एवं छेड़छाड़-रोधी डिजिटल इकोसिस्टम स्थापित किया है, जो पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यशाला का लाइव वेबकास्ट SECL मुख्यालय, बिलासपुर में भी सामूहिक रूप से देखा गया। CMD हरीश दुहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी-संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरांची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार तथा निदेशक (तकनीकी-परियोजना एवं योजना) श्री रमेश चंद्र मोहापात्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय मंच पर ‘डिजीकोल’ की प्रस्तुति को SECL की डिजिटल परिवर्तन यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल कोयला क्षेत्र में तकनीक आधारित पारदर्शी प्रबंधन का उदाहरण बन सकती है और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगी।



