मूकनायक/बालाघाट
आकाश घरडें
बालाघाट। जिले की जनपद पंचायत किरनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायतों से जुड़े सरपंचों ने कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत देकर तीन पत्रकार पर सीएम हेल्पलाइन और लिखित शिकायतों के नाम पर अवैध रूप से रुपए मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि इस प्रकार की गतिविधियों से शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है और पंचायत प्रतिनिधियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
मामले पर किरनापुर जनपद की ग्राम पंचायत सुकवा के सरपंच एवं सरपंच संघ जनपद पंचायत किरनापुर के अध्यक्ष प्रकाश बाहे ने अन्य सरपंचों के साथ मिलकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पिछले एक-दो वर्षों से कुछ लोग स्वयं को पत्रकार बताकर ग्राम पंचायतों और अन्य विभागों में तथ्यहीन एवं निराधार शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पोर्टल तथा लिखित आवेदन के माध्यम से दर्ज कराते हैं। जिम खासकर पत्रकार संजय अजीत,
आशीष गणवीर, रंजय नागवंशी के नाम शामिल है वहीं इनके विरुद्ध की गई शिकायत, शिकायत हटाने अथवा मामले को शांत करने के नाम पर 20 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामला किरनापुर जनपद की ग्राम पंचयतो से जुडा हुआ है इनमे एक मात्र संजय अजित ने किरनापुर जनपद की करीब 85 पंचायतो की फर्जी शिकायत कर सरपंचो को परेशान कर रखा है साथ ही रुपयों की मांग करता चला आ रहा है! शिकायत लेकर पहुँचे सरपंचो ने कहा कार्रवाई न होने पर जनपद किरनापुर औऱ पंचायतो में ताला बंदी की बड़ी बात कहीं वही उन्होंने इन पत्रकारों को लेकर पत्रकारिता जगत को बदनाम करने वाले बताया!
जब संबंधित व्यक्तियों को जांच के दौरान पंचायत या जनपद कार्यालय में उपस्थित होने के लिए बुलाया जाता है, तो वे उपस्थित नहीं होते। वहीं, रुपए नहीं देने की स्थिति में वे अपने समाचार पत्र अथवा यूट्यूब चैनलों के माध्यम से खबरें प्रकाशित और प्रसारित करते रहते हैं, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों की छवि प्रभावित होती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अलग-अलग पंचायतों और विभागों में विभिन्न मोबाइल नंबरों से 100 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। सरपंचों का आरोप है कि इन शिकायतों का उद्देश्य केवल दबाव बनाकर आर्थिक लाभ लेना है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि शासकीय कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें और पंचायत स्तर पर अनावश्यक दबाव की स्थिति समाप्त हो।
इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
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