मूकनायक/नरेश जाटव/कैलादेवी/ करौली/राजस्थान।
करौली जिला प्रशासन एवं एक्शनएड एसोसिएशन इंडिया द्वारा चलाए जा रहे महिला श्रमिक उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल जागरूकता अभियान के अंतर्गत एवं एक्शनएड की क्षेत्रिय प्रबंधक सिओन किंगोरी के मार्गदर्शन में भीमनगर कॉलोनी करौली में जागरूकता बैठक का आयोजन कर पोश अधिनियम केप्रावधानों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। एक्शनएड जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि एक्शनएड एसोसिएशन इंडिया द्वारा संपूर्ण देश में राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय एवं महिला श्रमिकों में POSH अधिनियम (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013) के प्रति जागरूकता बढाना एवं उत्पीड़न की शिकायत स्थानीय शिकायत समिति, नजदीकी पुलिस थाना, राष्ट्रीय एवं राज्य महिला आयोग की बेबसाइट एवं शी – बोक्स (she – box) पोर्टल पर करने एवं उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना है। आज भीमनगर कॉलोनी करौली में एक्शनएड के मानवाधिकार रक्षक जगदीश जाट एवं स्वयंसेवक गुनगुन कसेडिया द्वारा समुदाय एवं महिला श्रमिकों के साथ जागरूकता का आयोजन कर उन्हें कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण के संबंध में जानकारी दी। जिसमें महिला श्रमिकों को बताया कि पोश अधिनियम 2013 में पारित किया गया था और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है जहाँ महिलाएँ उत्पीड़न के डर के बिना काम कर सकें। पोश अधिनियम में यौन उत्पीड़न को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जिसमें अवांछित शारीरिक संपर्क, यौन अनुग्रह की मांग, अश्लील साहित्य दिखाना, और यौन प्रकृति का कोई भी अवांछित व्यवहार शामिल है। यह अधिनियम महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाता है, जिससे वे सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण में काम कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि ईंट भट्टों, भवन निर्माण, सड़क निर्माण, खान, साफ सफाई एवं घरेलू कार्य करने वाली महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर उत्पीड़न की संभावना अधिक रहती है। महिला श्रमिकों के साथ कार्यस्थल पर ठेकेदार, मालिक, या अन्य व्यक्ति उत्पीड़न करता है तो महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करता है तो अधिनियम में शिकायत दर्ज करने और निवारण की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। महिलाओं को आंतरिक एवं स्थानीय शिकायत समितियों को शिकायत करने एवं महिला श्रमिकों को उत्पीड़न से बचाने का आव्हान किया। इस दौरान एक्शन फोर एडवोकेसी विकास अनुसंधान संस्थान प्रभारी देवीशंकर द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया।

