Thursday, February 26, 2026
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वारासिवनी में समता सैनिक दल का भव्य गठन समारोह: संगठन, अनुशासन और सामाजिक न्याय की नई पारी

मूकनायक/सत्यशील गोंडाने
बालाघाट

वारासिवनी (जिला बालाघाट), 15 फरवरी 2026।
तहसील मुख्यालय वारासिवनी स्थित न्यू बुद्ध विहार में समता सैनिक दल की तहसील स्तरीय बैठक भव्य एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई। यह आयोजन केवल संगठनात्मक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक चेतना, वैचारिक प्रतिबद्धता और समतामूलक समाज निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में सामने आया।

कार्यक्रम की शुरुआत त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण के साथ हुई, जिसमें उपस्थित उपासक-उपासिकाओं ने मानवता, करुणा और समता के मार्ग पर चलने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। इसके बाद जिला पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्य, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

समता सैनिक दल, जो डॉ. बी. आर. आंबेडकर की वैचारिक प्रेरणा से संचालित संगठन है, सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रसार के लिए निरंतर कार्यरत है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन केवल भाषणों से नहीं, बल्कि संगठित और अनुशासित प्रयासों से संभव है।

नेतृत्व की उपस्थिति से बढ़ा आत्मविश्वास

बैठक में जिला प्रभारी शीलरत्न बन्सोड, जिला अध्यक्ष अधिवक्ता प्रवीण हुमनेकर, जिला बौद्धिक प्रमुख अधिवक्ता आदर्श मेश्राम, जिला महासचिव रितिक बोमारडे, जिला सचिव पवन गजभिये एवं जिला संगठक रोहित उके विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुष्मति मीनाक्षी मेश्राम ने की। सभी पदाधिकारियों ने संगठन विस्तार, वैचारिक सुदृढ़ता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया।

नई कार्यकारिणी का गठन

बैठक में सर्वसम्मति से तहसील शाखा वारासिवनी की नई कार्यकारिणी घोषित की गई —

अध्यक्ष: प्रताप गेडाम

तहसील महासचिव: राहुल गजभीये

सह संघटक: सुजल चौधरी

अन्य पदों की पूर्ति आगामी बैठक में करने का निर्णय लिया गया, जिससे संगठन के विस्तार की निरंतर प्रक्रिया जारी रहेगी।

धम्म साहित्य वितरण: वैचारिक जागरण की पहल

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाजजनों को “बुद्ध और उनका धम्म” सहित प्रेरणादायक धम्म साहित्य निःशुल्क वितरित किया गया। यह पहल संगठन की वैचारिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें केवल संरचना निर्माण ही नहीं, बल्कि विचारों का प्रसार भी प्रमुख उद्देश्य है।

सामाजिक समता की ओर बढ़ते कदम

बैठक में बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि समता, अधिकार और आत्मसम्मान के मुद्दे अब जनचेतना का हिस्सा बनते जा रहे हैं। वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में असमानता और भेदभाव जैसी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि —

सामाजिक परिवर्तन का मार्ग संगठन और अनुशासन से होकर जाता है।

शिक्षा और जागरूकता सशक्त समाज की आधारशिला है।

समता, बंधुत्व और न्याय व्यवहारिक लक्ष्य हैं, जिन्हें सामूहिक प्रयासों से हासिल किया जा सकता है।

वारासिवनी की यह बैठक दर्शाती है कि सामाजिक समता की मशाल अब गांव और तहसील स्तर तक पहुँच चुकी है, और यही भविष्य के सकारात्मक परिवर्तन की ठोस शुरुआत है।

(सूचना: जिला महासचिव रितिक बोमारडे)

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