
मूकनायक/सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
वारासिवनी। ग्राम पंचायत रामपायली क्षेत्र में स्थित बड़े लकड़ी टाल में इन दिनों श्मशान उपयोग के लिए जलाऊ लकड़ी उपलब्ध न होने की स्थिति सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर समय पर लकड़ी नहीं मिलने से परिजनों को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक एवं मानसिक परेशानी बढ़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सामान्य उपयोग के लिए लकड़ी उपलब्ध रहती है, किंतु श्मशान हेतु अलग से भंडारण या प्राथमिकता व्यवस्था नहीं होने के कारण कठिनाई उत्पन्न हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभागों एवं संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा प्रारंभ हो गई है।
संभावित जिम्मेदारियां
वन विभाग द्वारा सूखी अथवा नियमानुसार उपलब्ध लकड़ी का सामाजिक उपयोग हेतु समन्वय।
ग्राम पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा श्मशान घाट के लिए स्थायी भंडारण एवं आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करना।
स्थानीय आपूर्ति तंत्र या लकड़ी टाल संचालक द्वारा सार्वजनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सहयोगात्मक व्यवस्था विकसित करना।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
श्मशान हेतु पृथक एवं स्थायी लकड़ी भंडारण।
पंचायत स्तर पर पूर्व-प्रबंध एवं निगरानी व्यवस्था।
जरूरतमंद परिवारों को रियायती या निःशुल्क लकड़ी उपलब्ध कराने की योजना।
स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारण एवं प्रशासनिक समन्वय।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि इस विषय को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए त्वरित समाधान की दिशा में पहल की जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंत्येष्टि जैसे महत्वपूर्ण संस्कार में कठिनाई का सामना न करना पड़े।
अंत्येष्टि संस्कार भारतीय परंपरा में मानवीय गरिमा से जुड़ा विषय है। ऐसे में आवश्यक संसाधनों की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना सामूहिक सामाजिक दायित्व माना जा रहा है।

