






जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से ठोस हस्तक्षेप की मांग तेज
मूकनायक/सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
रामपायली। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान रखने वाली नगरी रामपायली में मुख्य सड़क पर थाना परिसर से महज कुछ कदम की दूरी पर स्थित चौराहा अब आम नागरिकों के लिए भय का कारण बन गया है। यहां तेज रफ्तार ट्रक और ट्रैक्टरों की बेलगाम आवाजाही से हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।


स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह चौराहा लंबे समय से हादसों का केंद्र बना हुआ है। कई छोटे-बड़े दुर्घटनाओं में राहगीर, छात्र और बुजुर्ग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद न तो प्रभावी गति नियंत्रण उपाय किए गए और न ही यातायात व्यवस्था सुधारने की ठोस पहल नजर आ रही है।
थाना नजदीक, फिर भी बेखौफ रफ्तार-
चौंकाने वाली बात यह है कि थाना परिसर की निकटता के बावजूद भारी वाहन तेज गति से गुजर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि दुर्घटना के बाद औपचारिक कार्रवाई जरूर होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया। इससे स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नागरिकों की प्रमुख मांगें-
🔹चौराहे पर स्पीड ब्रेकर और स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाए जाएं
🔸ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए
🔹भारी वाहनों की गति सीमा तय कर सख्ती से पालन कराया जाए
🔸स्कूल समय में विशेष यातायात नियंत्रण व्यवस्था लागू की जाए
🔹सीसीटीवी कैमरे लगाकर सतत निगरानी की जाए
जनहित में तत्काल कार्रवाई जरूरी-
जिम्मेदार नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।
रामपायली की जनता अब सवाल उठा रही है—क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार जागेंगे, या जनहित में समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएंगे?
यातायात सुरक्षा के मद्देनजर यह मामला केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है।

