राजधानी में ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा: वर्दी में सिपाही कर रहा था सप्लाई, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
रायपुर | मूकनायक | स्वराज मेश्राम
छत्तीसगढ़
राजधानी में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस विभाग का ही एक सिपाही ड्रग्स सप्लाई करते हुए पकड़ा गया। इस घटना ने कानून व्यवस्था और नशा नियंत्रण तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विभाग पर नशे के अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के कर्मचारी के इस कृत्य से आम जनता में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
पिछले कुछ समय से शहर में लगातार ड्रग्स पकड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। युवाओं की पार्टियों और निजी आयोजनों में नशे के पदार्थ परोसे जाने की चर्चाएं भी आम होती जा रही हैं। ऐसे में यह आशंका और गहरी हो जाती है कि नशे का नेटवर्क अंदर तक अपनी पकड़ बना चुका है।
गिरफ्तार सिपाही हिमांशु बर्मन पर आरोप है कि वह बाहर के राज्यों से ड्रग्स मंगवाकर खुद वर्दी में सप्लाई कर रहा था। इस खुलासे के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतने बड़े नेटवर्क की भनक विभाग को पहले क्यों नहीं लगी। क्या इस अवैध कारोबार को किसी स्तर पर संरक्षण मिल रहा था — यह जांच का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सप्लाई चेन और खरीददारों दोनों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक नशे के काले कारोबार पर लगाम लगाना मुश्किल है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि गिरफ्तारी के बाद ड्रग्स खरीदने वाले और जुड़े लोगों के कितने चेहरे बेनकाब होते हैं।
जनता की मांग है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले, सख्त जांच कराए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। क्योंकि सवाल सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य का है।


