Thursday, February 26, 2026
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यूजीसी बिल के समर्थन और रिक्त पदों की भर्ती को लेकर अजाक सांचौर का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

सांचौर – उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय एवं समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में अजाक संगठन सांचौर द्वारा गुरुवार को उपखण्ड मुख्यालय पर अहम कदम उठाया गया। संगठन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) बिल के समर्थन तथा विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को बैकलॉग के माध्यम से भरने की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन के जरिए महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा।


अजाक संगठन जिला सांचौर के उपाध्यक्ष बाबूलाल पारेंगी ने जानकारी देते हुए बताया कि अजाक एसोसिएशन, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्रीराम चोरड़िया के आह्वान पर शहर के डॉ. अम्बेडकर पार्क में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष आसूलाल गोयल ने की। बैठक में यूजीसी द्वारा 14 जनवरी 2026 को अधिसूचित उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम, 2026 पर विस्तृत चर्चा की गई।


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी बिल उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इसे प्रभावी रूप से लागू किए जाने से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों और शिक्षकों को वास्तविक प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि लोकसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 368 के अनुसार 30 जून 2025 तक देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों में कुल 4889 पद रिक्त हैं। इनमें बड़ी संख्या में पद आरक्षित श्रेणियों से जुड़े हैं, जो वर्षों से बैकलॉग के रूप में लंबित पड़े हैं। अजाक संगठन ने इन सभी पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर शीघ्र भरने की मांग की।
बैठक के पश्चात संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, सांचौर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी विनियम 2026 को पुनः प्रभावी रूप से लागू करने तथा विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आसूलाल गोयल, उपाध्यक्ष बाबूलाल पारेंगी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, सेवानिवृत्त शिक्षाविद, अधिवक्ता एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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