Thursday, February 26, 2026
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प्रदेश स्तरीय सामाजिक चेतना युवा सेमिनार का सांचौर में भव्य आयोजन, युवाओं में धम्म और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता का संचार

मूकनायक जिला ब्यूरो चीफ रिडमल राम
सांचौर (जालौर) – भारतीय बौद्ध महासभा (The Buddhist Society of India) सांचौर द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सामाजिक चेतना युवा सेमिनार का आयोजन सांचौर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। यह आवासीय सेमिनार पूज्य भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन के सान्निध्य में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बौद्ध अनुयायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डॉ. भीमराव अम्बेडकर के प्रपौत्र राजरत्न अम्बेडकर ने सहभागिता की।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में बौद्ध धम्म की शिक्षाओं, बाबासाहेब अम्बेडकर के संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति, शिक्षा के महत्व, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर गहन चेतना विकसित करना रहा। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों के माध्यम से युवाओं को वैचारिक, सामाजिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
भंते डॉ. सिद्धार्थ वर्धन ने अपने प्रवचनों में कहा कि बौद्ध धम्म केवल आस्था नहीं बल्कि जीवन जीने की वैज्ञानिक और मानवीय पद्धति है। उन्होंने अहिंसा, करुणा, मैत्री और समता के सिद्धांतों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अंधविश्वास, भेदभाव और नशे जैसी कुरीतियों से दूर रहकर ज्ञान, अनुशासन और धम्म मार्ग को अपनाएं। उनके मार्गदर्शन से उपस्थित युवाओं में आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई।
मुख्य वक्ता राजरत्न अम्बेडकर ने अपने विस्तृत संबोधन में बाबासाहेब अम्बेडकर के संघर्ष, विचार और संवैधानिक दृष्टि को युवाओं के सामने रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष का मार्ग आज भी उतना ही प्रासंगिक है। बौद्ध धम्म और अम्बेडकरी विचारधारा मिलकर सामाजिक न्याय और समान अवसरों वाला समाज बनाने की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और समाज के वंचित वर्गों को आगे लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सेमिनार में विभिन्न विषयों पर समूह चर्चा, वैचारिक सत्र और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें युवाओं ने खुलकर अपने विचार रखे। नशामुक्त समाज निर्माण, शिक्षा प्रसार अभियान, सामाजिक भेदभाव उन्मूलन और धम्म प्रचार को लेकर सामूहिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न जिलों से सैकड़ों युवा सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से हड़मत मेघवाल, ईश्वर पंचाल, शैलेश सामरानी, कानाराम पारीक, भेरूलाल नामा, सामती, निकेश बौद्ध, प्रताप पारंगी शिवगंज, सुखदेव सिंह बौद्ध सीकर, अर्जीत सिंह अलवर, वीणाराम सिरोही, दशरथ गुलसर, भरत धोरावत सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
भारतीय बौद्ध महासभा सांचौर के जिला अध्यक्ष घेवर बौद्ध ने बताया कि इस प्रकार के सेमिनार का उद्देश्य युवाओं को वैचारिक रूप से जागरूक कर संगठित करना है। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन क्षेत्र में बौद्ध आंदोलन और सामाजिक चेतना को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
सेमिनार के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति, शिक्षा विस्तार, सामाजिक न्याय और बौद्ध मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन सांचौर क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और धम्म आधारित जनचेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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