तक्षशिला बौद्ध विहार में त्यागमूर्ति माता रमाई की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा शहर के मुड़ापार स्थित तक्षशिला बौद्ध विहार के सभागार में दिनांक 07 फरवरी 2026 को संवैधानिक भारत के राष्ट्र निर्माता डॉ. बाबा साहब अंबेडकर की जीवन संगिनी, त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति माता रमाई अंबेडकर की पावन जयंती के अवसर पर भव्य शुभकामना एवं अभिवादन सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बौद्ध समाज की अध्यक्ष लता बौद्ध ने की। विशेष अतिथियों में पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश बांबोडे सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन सपना खोबरागड़े ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता गोपाल ऋषिकर भारती ने कहा कि वर्तमान समय न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए गंभीर चुनौतियों से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के मूल में धर्म की आड़ में फैलाया जा रहा अधर्म है। ऐसे संकटों से मुक्ति का मार्ग भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक, माता सावित्री फुले, विश्व रत्न डॉ. बाबा साहब अंबेडकर और उनकी जीवन संगिनी त्यागमूर्ति माता रमाई के आदर्शों तथा भारत के संविधान के मूल्यों को अपनाने से ही संभव है। उन्होंने माता रमाई की जयंती पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके त्यागमय जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में लता बौद्ध ने कहा कि माता रमाई का जीवन त्याग, संघर्ष और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनके बलिदान ने बाबा साहब अंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे प्रेरणादायी आदर्शों को महिलाओं और परिवारों में स्थापित करना राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है।
पूर्व अध्यक्ष गणेश बांबोडे ने बौद्ध समाज के समग्र विकास हेतु धम्म के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार और रचनात्मक कार्यों में एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा माता रमाई के जीवन चरित्र पर आधारित नृत्य, गीत एवं भाषण प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा। साथ ही, जिन बच्चों का जन्मदिन इसी तिथि को था, उनका केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। आयोजन समिति की ओर से सभी उपस्थितजनों के लिए भोजन व्यवस्था भी की गई।
सभा में गेवरा से सुशील दहाट, एनटीपीसी से गजभिए जी, आर.टी. खोबरागड़े, वनमाला बागड़े, नीलू बौद्ध, ईश्वर गजभिए, कंचन नायक, अर्चना रायपुरे, शिवाजी लिंगायत, ज्योति इंगले, जयमाला भीमटे, मयूरी बोरकर, दीपक गेडाम, आशा डोंगरे, सुनीता आमटे, वर्षा सहारे, ऊषा बम्बेश्वर, मंजू राउत, राखी कांबले, सीमा मानकर, किरण चौहान, सुषमा गजभिए सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।



