मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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डिग्री केवल कागज का एक टुकड़ा है जो औपचारिक शिक्षा को दर्शाता है, लेकिन व्यक्तित्व इंसान के वास्तविक व्यवहार, नैतिकता और जीवनभर की सीख को दर्शाता है। शैक्षणिक सफलता का अंत एक डिग्री के साथ हो सकता है, लेकिन चरित्र निर्माण एक निरंतर प्रक्रिया है, जो आपके द्वारा दूसरों के साथ व्यवहार और जीवन के कठिन फैसलों में झलकती है। आपकी डिग्री आपको नौकरी दिला सकती है, लेकिन आपका व्यक्तित्व आपको पदोन्नति और सम्मान दिलाता है।
डिग्री और व्यक्तित्व के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि ये एक-दूसरे के पूरक हैं। डिग्री आपको सक्षम बनाती है और व्यक्तित्व आपको महान बनाता है। हमें शिक्षा के साथ-साथ अपने चरित्र निर्माण पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए क्योंकि जब यादें धुंधली पड़ जाती हैं और डिग्रियाँ पुरानी हो जाती हैं, तब केवल आपका व्यवहार ही समाज में आपकी पहचान के रूप में जीवित रहता है।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

