ठेकेदार पर 9 आदिवासी मजदूरों की मजदूरी हड़पने का आरोप
दो माह की मेहनत के बाद भी नहीं मिला 2.70 लाख रुपये का भुगतान
मूकनायक
छत्तीसगढ़
देवरीखुर्द बिलासपुर
जिले में ठेकेदार द्वारा आदिवासी मजदूरों का शोषण किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आज़ाद युवा संगठन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत आगामुड़ा सेमीपानी बैगापारा निवासी चन्द्रपाल बैगा, सुख सिंह बैगा, रामकुमार बैगा, ज्ञान सिंह बैगा, कार्तिकराम, पवन, महावीर गोंड़, धर्मेन्द्र यादव सहित कुल 9 मजदूरों को ठेकेदार शैलू कश्यप (निवासी बिलासपुर) द्वारा दिसंबर 2023 में कांकेर जिले के विभिन्न गांवों में बिजली पोल एवं विद्युत कनेक्शन लगाने के कार्य हेतु ले जाया गया था। ठेकेदार द्वारा मजदूरी 500 रुपये प्रतिदिन देने का आश्वासन दिया गया था।
मजदूरों का आरोप है कि लगभग दो माह तक लगातार कार्य कराने के बाद भी ठेकेदार ने उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया। प्रत्येक मजदूर की लगभग 30-30 हजार रुपये की राशि अब तक बकाया है। मजदूरी मांगने पर ठेकेदार द्वारा लगातार तारीख पर तारीख दी जा रही है, वहीं अब मजदूरों को धमकी भी दी जा रही है कि “जो करना है कर लो।”
इस मामले को लेकर आज़ाद युवा संगठन के संगठन प्रमुख इशहाक कुरैशी ने कलेक्टर एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी मजदूरों की बकाया मजदूरी 15 दिवस के भीतर दिलाई जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय-सीमा में भुगतान नहीं हुआ तो जिला कार्यालय एवं संबंधित विभाग का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
मामले ने आदिवासी मजदूरों के अधिकार और ठेकेदारी व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।


